गोला गोकर्णनाथ। निर्माणाधीन कॉरिडोर में पौराणिक शिव मंदिर के गर्भगृह के पूर्वी द्वार के सम्मुख बुधवार को श्री नंदीश्वर विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा एवं स्थापना की गई।
मंगलवार देर शाम लगभग 20 टन वजनी विशाल श्री नंदीश्वर मूर्ति को शोभायात्रा के बाद पौराणिक शिव मंदिर परिसर लाया गया। बुधवार सुबह क्रेन की सहायता से मूर्ति को गर्भगृह के पूर्वी द्वार के सम्मुख आसन पर विराजमान किया गया।
पंडित रामदेव मिश्रा शास्त्री एवं अन्य आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सपत्नीक यजमान विधायक अमन गिरि, आनंद त्रिवेदी, केके शुक्ला, अवनि कुमार पांडे और शरद गुप्ता से श्री नंदीश्वर विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा कराई।
धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालु भक्ति भावना से सराबोर रहे। मंदिर परिसर ओम नमः शिवाय और हर-हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान रहा। पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के समापन पर हवन-पूजन, कन्या भोज और भंडारे का आयोजन किया गया।
विधायक अमन गिरि ने कहा कि पौराणिक शिव मंदिर कॉरिडोर परिसर में श्री नंदीश्वर बाबा की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा से श्रद्धालुओं और धार्मिक पर्यटकों के लिए यह आस्था व आकर्षण का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि छोटी काशी शिव मंदिर कॉरिडोर को प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की श्रेणी में लाने के लिए वह सतत प्रयासरत हैं।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता, मोहम्मदी विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह, शिव मंदिर कमेटी के अध्यक्ष जनार्दन गिरि, मधुसूदन गिरि, अजय गिरि, धर्मेंद्र गिरि मोंटी, ब्लॉक प्रमुख विमल वर्मा, पूर्व सभासद पंकज गुप्ता, महेंद्र गिरि, रामगुलाम पांडे, अवधेश मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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एक ही ग्रेनाइट शिला से बनी श्री नंदीश्वर प्रतिमा
शिव मंदिर कॉरिडोर का आकर्षण श्री नंदीश्वर विग्रह ने और बढ़ा दिया है। आयोजन समिति के आनंद त्रिवेदी ने बताया कि नंदी जी की मूर्ति जयपुर से मंगाई गई है, जो काले रंग की एक ही ग्रेनाइट शिला से निर्मित है। उन्होंने बताया कि मूर्ति का वजन लगभग 20 टन, ऊंचाई साढ़े पांच फुट, लंबाई नौ फुट और चौड़ाई चार फुट है। आयोजन समिति का दावा है कि छोटी काशी के अलावा प्रदेश के अन्य किसी शिव मंदिर या शिवालय परिसर में नंदी जी की इतनी विहंगम मूर्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि यह विग्रह श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण और अगाध आस्था का केंद्र बनेगा। पांच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा धार्मिक अनुष्ठान के दौरान नगर ही नहीं, क्षेत्र के श्रद्धालुओं में भी भक्ति भावना देखने को मिली।