गन्ना विकास समितियों में किसानों की संख्या (सदस्य) बढ़ रही है, लेकिन
उसके अनुपात में तौल केंद्रों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है। इससे तौल
केंद्रों पर किसानों को लंबी-लंबी लाइनों में अपनी बारी का इंतजार करना पड़
रहा है तो केंद्रों पर जल्द तौल कराने की होड़ में किसानों के बीच विवाद
की स्थिति पैदा होती है।
पिछले वर्ष 4,19,163 गन्ना किसान जनपद की 11
समितियों में सदस्य थे, जिसमें 7357 नए सदस्य बढ़ गए हैं। जबकि पांच नए
गन्ना तौल केंद्र स्थापित किए गए हैं।
पेराई सत्र 2014-15 से पूर्व चलाए
गए सर्वे अभियान में 7,357 नए सदस्य बनाए गए हैं। जबकि 11 समितियों पर
पुराने सदस्यों की संख्या 4,19,163 थी। सर्वे के दौरान गोला समिति में
1897, मैगलगंज में 370, भीरा में 367, लखीमपुर में 1250, अरनीखाना में 375,
फरधान में 500, ऐरा में 860, जंगबहादुरगंज में 622, मोहम्मदी में 415,
संपूर्णानगर में 201 और पलिया में 500 नए गन्ना किसान सदस्य बने हैं। सबसे
ज्यादा नए सदस्य गोला (1897) और लखीमपुर (1250) में बढ़े हैं। जबकि नौ चीनी
मिलों द्वारा किसानों से गन्ना तौल के लिए पिछले वर्ष 483 केंद्र बनाए गए
थे। इस बार पांच नए गन्ना तौल केंद्र बनाए गए हैं।
समितिवार गन्ना किसानों की संख्या
गोला 103208
मैगलगंज 29614
भीरा 20502
लखीमपुर 53523
अरनीखाना 15633
फरधान 25864
ऐरा 75132
जंगबहादुर 39574
मोहम्मदी 19089
संपूर्णानगर 12133
पलिया 32244
जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव के अनुसार नए
किसान सदस्यों की संख्या के अनुसार तोल केंद्र स्थापित किए गए हैं। कुछ
केंद्रों पर भीड़ होने की वजह से दिकक्त होती हैं। अगर समितियों से
प्रस्ताव आते हैं, तो जरूरत के मुताबिक तौल केंद्र स्थापित कराया जाएगा।