लखीमपुर खीरी। सभासद और लिपिक के बीच हुई मारपीट का मामला तूल पकड़ने लगा है। इस घटना से नाराज पालिका कर्मचारियों ने शनिवार से हड़ताल शुरू कर दी। इससे न तो शहर की सफाई हो सकी और न ही नगर पालिका में पटलों के ताले खुले। सफाई न होने के कारण सड़कों पर गंदगी के ढेर लगे रहे।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले सफाई कर्मचारियों ने शनिवार को पालिका परिसर में धरना देना शुरू कर दिया। सभी लोग सभासद सौरभ सिंह को गिरफ्तार किए जाने की मांग करने लगे। जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह वाल्मीकि ने बताया कि पालिकाध्यक्ष ने दो दिन में सदस्य पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक सभासद को जेल नहीं भेज दिया जाता तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। सरनदास ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो इसलिए सदस्य पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। आकाश सिंह वाल्मीकि ने कहा कि यदि न्याय न मिला तो जिले की समस्त नगर पंचायत और पालिका में कार्य बहिष्कार कराया जाएगा। लिपिक देवाशीष मुखर्जी ने भी समर्थन का ऐलान किया है। सुरेंद्र सरन, श्याम सिंह, हरपाल वाल्मीकि सहित तमाम सफाई कर्मचारी मौजूद रहे। उधर पीड़ित लिपिक वीरेंद्र भारती ने प्रेसवार्ता में कहा कि सौरभ सिंह बहादुर नगर के सभासद है और सिकटिहा वार्ड की लंबित कर निर्धारण फाइल का निस्तारण न करने आरोप लगा रहे हैं, जबकि यह कार्य राजस्व लिपिक का है। यही बात ईओ साहब से बताई। मगर, उनके कार्यालय में मौजूद सौरभ सिंह मारने लगे। वीरेंद्र भारती ने आरोपी सभासद को जेल भेजने की मांग की है। प्रेसवार्ता में चंदन लाल वाल्मीकि, श्याम सिंह, अशोक वाल्मीकि, रंजीत, अरविंद आदि मौजूद रहे।
हड़ताल के चलते पटल पर लटके ताले
लिपिक वीरेंद्र भारती के साथ हुई घटना को लेकर पालिका कर्मियों में नाराजगी है। सदस्य पर कार्रवाई की मांग को लेकर शनिवार को पालिका में काम धाम ठप रहा। इससे जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, टैक्स, दाखिल खारिज कराने के लिए पालिका पहुंचे लोग वापस हो गए।
सफाई कर्मियों की हड़ताल से शहर में रही गंदगी, लगे रहे ढेर
शुक्रवार को अवकाश और शनिवार को सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से नगर में गंदगी का अंबार लग गया। पतझड़ होने के कारण सड़कें पेड़ों की पत्तियों से पट गई। तो वहीं नालियां भी गंदगी से चोक हो गई। उधर शहर के डलावघर भी कूड़े से पटे रहे। सड़कों पर गंदगी के कारण शहरवासी बेहाल रहे।
जिला अस्पताल में भी रही गंदगी
जिला अस्पताल में तो सफाई होती रही। मगर, कूड़े से भर चुके डस्टबिन का पालिका द्वारा न उठाया जाना अस्पताल प्रशासन एवं सफाई कर्मचारियों के लिए मुसीबत बन गया। डस्टबिन भर जाने के कारण उसमें आग लगवा दी गई, जिससे इसके खाली होने पर फिर से इसमें कूड़ा डाला जा सके।
सदस्यों और सफाई कर्मचारियों से वार्ता की जा रही है। जल्द ही सफाई कर्मचारियों को समझा बुझाकर मामला शांत करा दिया जाएगा।
-निरूपमा बाजपेई
अध्यक्ष, नगर पालिका