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मेरी बेटी बनेगी मेरी ताकत

Tue, 04 Apr 2017 11:37 PM IST
लखीमपुर खीरी
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पा‌िररिवा‌‌िररिक मामला - फोटो : अमर उजाला
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जिस बेटी के पैदा होने पर साबरीन को तलाक मिला। अब वही बेटी उसकी ताकत बनेगी। उसी के भरोसे वह इंसाफ की लड़ाई लड़ेगी। यह कहना है साबरीन का। उसने बताया कि अब वह चुप नहीं बैठेगी। ताकि बेटे के चाहत में फिर किसी बेटी के साथ ऐसा न हो, जैसा उसके साथ हुआ। उसे मुख्यमंत्री पर पूरा भरोसा है। सरकार से काफी उम्मीदें हैं।
महेवागंज निवासी सब्जी के आढ़ती जमाल की बड़ी बेटी साबरीन का निकाह करीब दो साल पहले सीतापुर सदर के मोहल्ला कजियारा बंगला निवासी तैफुल के साथ हुआ था। रईस घराने में हुई शादी से मायके वाले खुश थे पर साबरीन की मानें तो ससुराल में उसे आये दिन दहेज और हैसियत के ताने सुनने पड़ते थे। उसका कहना है कि करीब 11 माह पहले जब उसने बेटी को जन्म दिया तो पुत्र की चाह रखने वाले ससुराली उसे अस्पताल में ही छोड़ कर भाग गए थे। मायके वाले उसे घर ले आये। 23 मार्च का दिन वह नहीं भूल सकती, जब पति ने उसे फोन पर तलाक दे दिया। आंखों में आंसू लिए साबरीन ने कहा की मेरा न सही कम से कम इस मासूम का तो ख्याल करते। इसका क्या दोष। लेकिन वह नहीं माने। कुछ दिनों तक वह गम में डूबी रही। लेकिन अब इससे उबर रही है। वह बच्ची को अच्छी तालीम दिलाकर आत्मनिर्भर बेटी बनाएगी।
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उसका कहना है कि वह दोषियों को सजा दिलाकर रहेगी। फोन पर तलाक लेने से पति ने भले ही दिलों की दूरियां बढ़ाईं हों, लेकिन ऐसे तलाक से रिश्ते खत्म नहीं हो जाते। उसके साथ गैर इंसानियत का जो खेल खेला गया है। उसका वह कानूनन बदला लेगी। चाहे कितनी भी मुसीबतें क्यों न उठानी पड़े।
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ससुराल वालों ने आरोपों को बताया बेबुनियाद 
साबरीन के जेठ वकील खां से जब सेलफोन पर बात की गई तो उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताया। बोले, लड़की खुद तलाक लेना चाह रही थी। उसने ये बात पुलिस को दी शिकायत में भी कही है। रही बात बच्ची की तो परिवार उसे आज भी सर आंखों पर बैठाने के लिए इंतजार कर रहा है।
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