पत्नी को मनाकर ससुराल ले जाने के लिए मेडईपुरवा पहुंचा था हत्यारोपी सर्वेश
महेवागंज। सदर कोतवाली के महेवा गांव में मारपीट के दौरान एक युवक ने दूसरे पर चाकुओं से हमला बोल दिया, जिससे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के गांव मेडईपुरवा निवासी सर्वेश ने करीब दो साल पहले महेवा गांव की एक लड़की से प्रेम विवाह किया था। किसी बात पर अनबन होने पर युवती अपने मायके आकर रहने लगी थी। बुधवार रात सर्वेश पत्नी को लेने ससुराल पहुंचा तो उसकी ससुराल वालों से कहासुनी हो गई। इस दौरान उसने पड़ोसी युवक धर्मेंद्र पर कुछ आपत्तिजनक टिप्प्णी कर दी।
पुलिस के मुताबिक, इससे धर्मेंद्र और सर्वेश में झगड़ा हो गया। भीड़ को देखकर सर्वेश रोड की तरफ भागा, लेकिन भीरा रोड स्थित एक धान मिल के पास धर्मेंद्र ने सर्वेश को पकड़ लिया। आरोप है कि आवेश में आकर सर्वेश ने धर्मेंद्र के पेट और सीने पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार किए। लोगों को करीब आता देख वह मौके से भाग निकला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल धर्मेंद्र को जिला अस्पताल भिजवाया, जहां धर्मेंद्र की मौत हो गई। चौकी प्रभारी संजीव ने बताया कि गांव निवासी चंद्रभाल की तहरीर पर आरोपी सर्वेश के खिलाफ 304 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
चार भाइयों में सबसे छोटा था धर्मेंद्र
मृतक धर्मेंद्र चार भाइयों में सबसे छोटा था। मृतक के बड़े भाई रामचंद्र ने बताया कि पिता बाबूराम ने दो शादियां की थीं। पुश्तैनी घर लाहौरी नगर सरैंया में है। शादी के बाद पिता महेवागांव में बस गए थे। मजदूरी कर धर्मेंद्र गुजारा कर रहा था। वह सीधे स्वभाव का था। बुधवार को झगड़े के बाद धर्मेंद्र ने अकेले ही आरोपी का पीछा किया। उसे नहीं मालूम था कि हमलावर के पास हथियार है। भाई को निहत्थे देख आरोपी ने उसे चाकुओं से गोद दिया।
पत्नी के मायके में रहने से नाराज था आरोपी
मेडईपुरव निवासी आरोपी सर्वेश की महेवा गांव में और भी रिश्तेदारी थी। अक्सर वह गांव आता था। इस बीच गांव निवासी व मुंह बोले मामा की लड़की से उसका प्रेम प्रसंग चलने लगा। एक रात दोनों घर से भाग गए। काफी समय बाद दोनों का ससुराल में आना-जाना होने लगा। इस दौरान किसी बात से पति-पत्नी में अनबन हो गई। पत्नी मायके आ गई। सर्वेश जब भी उसे लेने आता पत्नी उसके साथ जाने से इनकार कर देती थी। घरवालों के मुताबिक, वह पत्नी पर शक करने लगा था। झगड़े के बीच दुधमुंही बच्ची को भी वह यहां से ले गया था। बुधवार रात वह झगड़े पर आमादा हो गया। गुस्से में आकर उसने पत्नी के पड़ोसी व रिश्ते में ममेरे भाई पर चाकुओं से हमला कर दिया, जिससे धर्मेंद्र की मौत हो गई।