लखीमपुर खीरी। प्रधान के चुनाव की रंजिश के चलते दो ग्रामीणों की बांका से काटकर निर्मम हत्या करने के मामले में 23 साल बाद फैसला आया है। अदालत ने एक दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उसपर 61 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मैगलगंज थाना क्षेत्र में अमरौलिया ग्राम के प्रधान श्यामलाल अपने साथी लक्ष्मण तेली के साथ 25 अक्तूबर 2002 को मुरादपुर से मोहम्मदी तहसील गए थे, जब वह लौट रहे थे तभी बरगदिया नदी के पास श्रीराम, रामपाल, छोटे उर्फ सुब्बा किसान, नेतराम ,राम किशन ने एक नाबालिग के साथ मिलकर श्यामलाल और लक्ष्मण तेली की बांका से काट कर हत्या कर दी थीं।
इसके बाद बरुवा घाट बरगदिया मोहम्मदी में श्यामलाल और लक्ष्मण का शव नदी में फेंक दिया था। कई दिनों के बाद 29 अक्तूबर को श्यामलाल के शव का पंचनामा और पोस्टमाॅर्टम कराया था।
23 साल पुराने मामले में एडीजे अनिल कुमार राना ने फैसला सुनाते हुए रामकिशन उर्फ़ शंभू कहार निवासी सरैया विलियम मोहम्मदी को दोषी साबित पाया। साथ ही 61 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जबकि रामपाल, छोटे उर्फ़ सुब्बा किसान नेतराम की सुनवाई के दौरान ही मौत हो चुकी हैं। वही एक बाल अपचारी की फाइल किशोर न्याय बोर्ड भेज दो गई है और श्रीराम को संदेह का लाभ देते हुए मामले से बरी किया गया है।