मेला मैदान में होने वाले मेले में लग रहीं दुकानें। संवाद
लखीमपुर खीरी। आपसी विवाद में शहर के ऐतिहासिक रामलीला मेला को लटकाने वाले नगरपालिका के जिम्मेदार अब इसे जल्द से जल्द शुरू कराने में जुटे हैं। मेला मैदान में दुकानें लगवाने को नगरपालिका और प्रशासनिक अफसरों ने रात-दिन एक कर दिया है। रविवार की रात भर एसडीएम और नगरपालिका के जिम्मेदार दुकानदारों से जल्द दुकानें लगाने की बात कहते रहे।
शहर के मेला मैदान में सोमवार को अधिकांश दुकानें लग गईं। शाम के समय मेले में चहल-पहल भी दिखी। नगरपालिका और ट्रस्ट के विवाद में यह मेला अपने समय से करीब सात दिन बाद शुरू हो रहा है। पूर्व के वर्षों में दशहरे के दिन इस मेले में लाखों लोगों की भीड़ जुटती थी। बड़े स्तर पर खरीदारी की जाती थी। इस बार मेला शुरू से ही नगरपालिका और ट्रस्ट के विवाद में फंस गई।
दुकानदारों ने ट्रस्ट से रसीद कटवा ली तो नगरपालिका ने दोबारा रसीद कटवाने का दबाव बनाया और जमीन का आवंटन नहीं किया। सामान लेकर आए दुकानदार सात दिनों तक मैदान में ही पड़े रहे। दुकानदारों का दर्द जब खबरों की सुर्खियां बना तो प्रशासन हरकत में आया। रविवार को नगरपालिका और प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले का निस्तारण कराया और दुकानें लगनी शुरू हुईं। एक हजार रुपये की रसीदें काटी गई हैं।
मेला सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध नगरपालिका
मेले को लेकर नगरपालिका अध्यक्ष और ईओ की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से नगरपालिका मेले को सकुशल संपन्न कराने को प्रतिबद्ध है। जनमानस से अपेक्षा है कि किसी के बहकावे में न आएं।