सांसद धौरहरा और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय बोर्ड भारत सरकार की सदस्य रेखा वर्मा ने संसद में आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय का मुद्दा उठाते हुए उसे बढ़ाकर समान करने की मांग की है।
सांसद रेखा वर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र और प्रदेश की एनआरएचएम से संबंधित आशा बहुओं की समस्याओं को लोकसभा में रखा। उन्होंने कहा कि आशा बहू का कार्य बच्चों और महिलाओं को विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध कराना, टीकारकरण आयरन की गोलियां वितरित करना, मोतियाबिन्द का आपरेशन, प्रसव आदि में सहयोग करना है, लेकिन इनके बदले में पारिश्रमिक किसी को 50 रुपये, सौ रुपये तो किसी को 200 रुपये मिलता है। इस कारण से इनका मनोबल कम होता जा रहा है।