लखीमपुर खीरी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की वेबसाइट पर मितौली तहसील क्षेत्र के राजस्व गांवों के नाम प्रदर्शित न होने के मामले में धौरहरा सांसद रेखा वर्मा ने कृषि मंत्री को पत्र भेजा है। इस तहसील के 290 राजस्व गांवों में से सिर्फ एक राजस्व गांव अतरौली का नाम पीएम किसान सम्मान निधि की वेबसाइट पर प्रदर्शित हो रहा है, जिससे हजारों किसान कई महीनों से सम्मान निधि का लाभ पाने के लिए भटक रहे हैं।
किसानों की समस्या से जुड़े इस मामले को अमर उजाला ने 22 सितंबर 2020 के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद जनप्रतिनिधियों को सुधि आई। हालांकि कृषि विभाग ने काफी समय से मितौली तहसील के राजस्व गांवों को वेबसाइट पर प्रदर्शित कराने के लिए उच्चाधिकारियों को कई बार पत्र लिखे, लेकिन एक साल बीतने के बावजूद वेबसाइट पर मितौली के राजस्व गांवों को अपडेट नहीं किया गया है। इससे हजारों पात्र किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
धौरहरा सांसद रेखा वर्मा ने कृषि मंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि भारत सरकार की वेबसाइट पीएम किसान डॉट जीओवी डॉट इन पर मितौली तहसील प्रदर्शित नहीं हो रही है, जिसके कारण उनकी लोकसभा क्षेत्र के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसलिए उन्होंने कृषि मंत्री से जल्द समस्या का निस्तारण कराने की मांग की है। उधर, उप कृषि निदेशक राम शिष्ट ने बताया कि मितौली तहसील के राजस्व गांवों को वेबसाइट पर प्रदर्शित कराने के लिए फिर से रिमाइंडर जारी किया गया है।
अपात्र किसानों को धनराशि स्वयं वापस करने के निर्देश
लखीमपुर खीरी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाभ लेने वाले अपात्र किसानों की परेशानी बढ़ सकती है, क्योंकि कृषि विभाग ने ऐसे अपात्र किसानों को अभी तक प्राप्त धनराशि को वापस जमा करने का फरमान सुनाया है।
उप कृषि निदेशक ने कहा है कि ऐसे अपात्र किसान जो भूमिहीन/सरकारी सेवक हैं (समूह घ को छोड़कर), पेशेवर व्यक्ति, आयकर दाता, भूतपूर्व अथवा वर्तमान संवैधानिक पद धारक, मंत्री, राज्यमंत्री, पेंशनर (जिनकी पेंशन 10000 प्रति माह से अधिक है), परिवार में पति, पत्नी और अवयस्क बच्चे में एक से अधिक सदस्य योजना का लाभ ले रहे हैं, तो वह अपनी किस्तों की धनराशि भिारत सरकार के पोर्टल भारतकोष डॉट जीओवी डॉट इन पर ऑनलाइन जमा कर दें, जिसके बाद उसकी एक प्रति कार्यालय उप कृषि निदेशक लखीमपुर में जमा कराना सुनिश्चित करें।
उप कृषि निदेशक राम शिष्ट ने बताया कि ऑनलाइन जमा करने के लिए सर्वप्रथम भारत सरकार की वेबसाइट भारतकोष डॉट जीओवी डॉट इन ओपेन करें। फिर क्विक पेमेंट पर क्लिक करें। इसके बाद ड्राविंग एंड डिसबर्सिंग आफिस (डीडीओ) कृषि भवन नई दिल्ली का चयन करने के बाद कुल किस्तों की धनराशि जोड़कर डालें। इसके बाद रिमार्क में अपना नाम एवं पूर्ण पता भरें और एड पर क्लिक करके आगे बढें और निर्देशानुसार फाइनल पेमेंट करें। उप कृषि निदेशक ने कहा कि इस विधि से अपात्र किसान अपनी धनराशि स्वयं जमा कर सकते हैं अन्यथा की स्थिति में किसी भी कार्रवाई के लिए अपात्र किसान स्वयं उत्तरदायी होंगे। किसी भी सहायता के लिए कृषि विभाग में न्याय पंचायत स्तर पर कार्यरत एटीएम, बीटीएम एवं प्राविधिक सहायक या प्रभारी राजकीय कृषि बीज भंडार या सहायक विकास अधिकारी (कृषि) से संपर्क कर सकते हैं।