लखीमपुर खीरी। शराब के नशे में अपनी 80 वर्षीय मां को ही हवस का शिकार बनाने वाले वहशी पुत्र को एडीजे भूलेराम ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 20 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
एडीजे ने दंडादेश पारित करते हुए इसे मातृत्व को कलंकित करने वाला बताया। अदालत ने कहा कि ऐसे अपराधी किसी तरह की नरमी के अधिकारी नहीं हैं। मोहम्मदी थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति की पत्नी की 2014 में मौत हो गई तो उसके बेटे नोएडा व दिल्ली में जाकर मजदूरी करने लगे। गांव में उसके साथ उसकी बेटी और उसकी वृद्ध मां ही रहती थीं। वर्ष 2020 में 28 व 29 अक्तूबर की दरम्यानी रात करीब डेढ़ बजे वह अवयस्क बेटी से गलत हरकत करने लगा। वृद्ध मां ने अपनी पोती को बचाते हुए भगा दिया तो युवक ने अपनी मां को ही हवस का शिकार बना डाला।
यह खबर जब नोएडा में मजदूरी कर रहे पीड़िता के पोते को हुई तो उन्होंने आकर पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने दोषी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद सहमे परिवार वाले किशोरी को साथ ले गए। पुलिस को नाबालिग के बयान दर्ज करने के लिए दिल्ली जाना पड़ा था। अदालत ने फैसले में व्यवस्था दी कि जुर्माने की रकम में से 15 हजार रुपये का मुआवजा वृद्धा के पौत्र को दिया जाएगा। संवाद