आधी अधूरी तैयारियों के साथ लागू हुआ खाद्य सुरक्षा अधिनियम
अभी तक नहीं बंट पाए राशनकार्ड के ड्राफ्ट प्रारूप
आधी अधूरी तैयारियों के बीच खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू कर दिए जाने से तमाम उपभोक्ता इसका लाभ पाने से वंचित रह गए जबकि कोटेदारों की बन आई है। पात्र परिवारों की डेटा फीडिंग के आधार पर खाद्य एवं रसद विभाग ने राशन का आवंटन तो जारी कर दिया लेकिन अभी तक पूरी तरह राशनकार्ड के ड्राफ्ट प्रारूप ही वितरित नहीं हो पाए, जिनके आधार पर उपभोक्ताओं में राशन का वितरण किया जाना है।
कोटेदार को यूनिट के हिसाब से राशन तो पूरा मिला है लेकिन वह केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को राशन दे रहे हैं जिनके पास राशनकार्ड का ड्राफ्ट प्रारूप है। ऐसे में बचने वाला गेहूं-चावल बाजार में पूरे दाम पर बिक रहा है। मार्च माह में जिले को गेहूं और चावल का आवंटन विभागीय वेबसाइट पर 14 जनवरी तक फीड पात्र परिवारों के यूनिट के आधार पर किया गया था। इसमें 40 फीसदी से अधिक लोग ड्राफ्ट प्रारूप न होने से राशन पाने से वंचित रह गए।
विभागीय वेबसाइट पर अंत्योदय योजना के कार्ड/यूनिट
क्षेत्र अंत्योदय कार्ड अंत्योदय यूनिट
ग्रामीण 99393 343515
शहरी 10495 39504
जिले में खाद्य सुरक्षा के तहत पात्र परिवार/ यूनिट
क्षेत्र परिवार यूनिट
ग्रामीण 621842 2368958
शहरी 65918 252501
अप्रैल माह में वितरण के लिए आवंटित राशन
क्षेत्र गेहूं चावल
ग्रामीण 80074.96 क्विंटल 34317.84 क्विंटल
शहरी 88601.31 क्विंटल 37971.99 क्विंटल
खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम पुराने ढर्रे पर
खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बावजूद राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम अभी पुराने ढर्रे पर ही चल रहा है। इनके गोदामों पर गल्ला तोल कर देने की कोई व्यवस्था नहीं है। हैंडलिंग और लोडिंग अनलोडिंग भी कोटेदारों को ही देनी पड़ रही है। इसके बहाने कोटेदार भी घटतौली करने और राशन वितरण में अनियमितताएं बरतने में गुरेज नहीं करते हैं। इस बात को लेकर कई बार हंगामा भी हो चुका है लेकिन स्थिति जस की तस बनी है।
खाद्य सुरक्षा के तहत पात्र परिवारों की सूची को अपडेट और शुद्ध करने का काम तेजी से जारी है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जा रहा है। जहां कमियां हैं उन्हें जल्दी ही दुरुस्त किया जाएगा। हाल ही में खाद्य सुरक्षा के कामों में लापरवाही करने पर तीन कर्मचारियों और वितरण में अनियमितता बरतने पर आधा दर्जन कोटेदारों पर कार्रवाई की गई है।
-डॉ. राकेश तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी।