आदिवासी थारू जनजाति क्षेत्र में मोहाना नदी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। पहाड़ों पर लगातार रुक-रुक कर हो रही वर्षा से मोहाना नदी का जलस्तर प्रतिदिन घट-बढ़ रहा है। जिससे नदी ने थारू ग्राम नझौटा, ढकिया, सौनहा और बंदर भरारी में कटान तेज कर दिया है। जिससे थारू ग्रामीण भयभीत हैं।
थारू ग्राम बंदरभरारी की स्थिति और भी भयावह है यहां पर नदी कटान करते हुए गांव की आबादी से मात्र सौ मीटर की दूरी पर बह रही है। बंदरभरारी गांव में नदी ने पहले ही रतनलाल, गोरखाली और राम पाल की 60 बीघा जमीन काट कर उन्हेें भूमिहीन कर दिया है और अब हो रहे कटान में राम मिलन की एक एकड़, रामसमुझ की दो एकड़ , भिक्खू की तीन बीघा, जितेंद्र राना की एक एकड़, जथनस राना की दो एकड़ जमीन नदी में समा गई है। पूर्व प्रधान मूलचंद राना ने बताया कि नदी के लगातार कटान करने के बाद भी प्रशासन ने किसी तरह की कोई मदद नहीं दी है और न ही अब तक तहसील प्रशासन ने यहां आकर लोगों की सुधि ली है।