लखीमपुर/मितौली। जिले की सात तहसीलों में मितौली एक ऐसा तहसील मुख्यालय है, जो न तो नगर पंचायत है और न ही नगरपालिका। जबकि, जिले की बाकी सभी तहसीलों के मुख्यालयों को नगर पंचायत या फिर नगर पालिका का दर्जा मिला हुआ है।
मितौली तहसील मुख्यालय की ग्राम पंचायत मितौली को करीब 15 सालों से नगर पंचायत का दर्जा दिलाने की मांग चल रही है, लेकिन अभी तक दर्जा नहीं मिल सका है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भी मितौली को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने के लिए कई बार प्रयास किए, लेकिन अभी तक मितौली नगर पंचायत नहीं बन पाई है।
नगर पंचायत बनाने के लिए पहली शर्त आबादी की रहती है, जिसके लिहाज से यह मानक 2011 में ही पूरे हो गए थे। नगर पंचायत के लिए कम से कम 20 हजार की आबादी होना आवश्यक है। 2011 की जनगणना के अनुसार मितौली ग्राम पंचायत की कुल आबादी 21,512 है।
करीब 13 वर्षों में आबादी के डेढ़ गुना होने की उम्मीद है। इस ग्राम पंचायत में सिर्फ मितौली ही इकलौता राजस्व ग्राम है, 15 मजरे भी जिसका हिस्सा हैं। ग्राम पंचायत का कुल क्षेत्रफल दो हजार हेक्टेयर से अधिक है।
2013 में तहसील का दर्जा मिलने से जागी थी उम्मीद
मितौली को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने की कवायद करीब 15 साल पहले हुई थी, लेकिन तब शासन स्तर से स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। जब 2013 में मितौली को तहसील का दर्जा मिला, तो लोगों में उम्मीद जगी कि अब तो यह नगर पंचायत हो जाएगा, लेकिन अभी तक ये उम्मीद परवान नही चढ़ सकी है।
नगर पंचायत के सारे मानक हैं पूरे
मितौली में तहसील, पुलिस स्टेशन, ब्लॉक, बीआरसी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पशु चिकित्सालय, तीन इंटर कॉलेज सहित दर्जनों शिक्षण संस्थान संचालित है। इसके अलावा मितौली में इंडियन बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, जिला सहकारी बैंक, आर्यावर्त बैंक, डाकघर भी संचालित है। नगर पंचायत के सारे मानक पूरे करने के बाद भी मितौली को नगर पंचायत का दर्जा न मिलना चुनावी मुद्दा बना हुआ है।
मितौली छोड़ सभी तहसीलों को मिला है दर्जा
मितौली तहसील से 24 किमी दूर मोहम्मदी तहसील का कस्बा बरवर नगर पंचायत है। मितौली से 40 किमी दूर मोहम्मदी तहसील मुख्यालय नगरपालिका है। मितौली से 36 किमी दूर जिला मुख्यालय नगरपालिका है। 34 किमी दूर सदर तहसील का ओयल कस्बा नगर पंचायत है। 40 किमी दूर गोला तहसील मुख्यालय पर भी नगर पालिका है, लेकिन मितौली खुद तहसील होने के बावजूद उसे नगर पंचायत या नगर पालिका का दर्जा नहीं मिल सका है।
दो बार भेजा जा चुका प्रस्ताव, नहीं मिली मंजूरी
एसडीएम मितौली रेणु मिश्रा ने बताया, नगर पंचायत बनाने के लिए तहसील प्रशासन की ओर से दो बार प्रस्ताव भेजा जा चुका है। सबसे पहले अक्तूबर 2020 व दूसरी बार जनवरी 2021 में शासन को प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन मंजूरी नहीं मिल सकी।
जिले में सात हैं तहसीलें
लखीमपुर तहसील- नगर पालिका
गोला तहसील- नगर पालिका
पलिया तहसील- नगर पालिका
मोहम्मदी तहसील- नगर पालिका
धौरहरा तहसील- नगर पंचायत
निघासन तहसील- नगर पंचायत
जबकि मितौली तहसील- ग्राम पंचायत
जल्द ही मितौली को नगर पंचायत का दर्जा मिल जाएगा, इसके लिए मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है। इस बार जो नगर पंचायतें बढ़ाई जाएंगी, उनमें मितौली का भी नाम होगा।
- सौरभ सिंह सोनू, कस्ता विधायक
2013 में विधायक रहते मितौली को कोशिश करके शासन को कई बार प्रस्ताव देकर तहसील का दर्जा दिलाया था। बाद में सरकार बदल गई और विधायकी भी नहीं रही। इन कामों के लिए लगना पड़ता है। ऐसे ही नहीं हो जाते हैं। अब कोशिश नहीं की जा रही होगी, तो कैसे नगर पंचायत बनेगी।
- सुनील लाला, पूर्व विधायक कस्ता
मितौली तहसील का भवन। संवाद
मितौली तहसील का भवन। संवाद
मितौली तहसील का भवन। संवाद
मितौली तहसील का भवन। संवाद