फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कहीं खुफिया एजेंसियों की चूक? साजिश, तो नहीं

Fri, 10 Mar 2017 11:01 PM IST
लखीमपुर खीरी
विज्ञापन
कहीं खुफिया एजेंसियों की चूक? साजिश, तो नहीं - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विज्ञापन
चीन और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे
कहीं कोई विदेशी एजेंसिया तो नहीं दिलवा रहीं तूल
नोटबंदी के बाद बेरोजगार नेटवर्क तो नहीं है पीछे
 भारत नेपाल सीमा पर बसही गांव से लगे नोमैंस लैंड पर कब्जा कर निर्माण के लिए उग्र हुए नेपालियों ने शुक्रवार को बड़ा बखेड़ा शुरू कर दिया है। भारतीय वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया और भारत से सटे नेपाली क्षेत्र में भारत विरोधी नारेबाजी करने के बाद पाकिस्तान और चीन जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए हैं। जिस तरह से नेपाल के साथ भारत से नेपाल के रोटी बेटी के संबंध थे। उनके बीच ऐसी घटना छोटी नहीं है, बल्कि यह बेहद खतरनाक संदेश दे रही है।
यह चौंकाने वाले तथ्य हैं कि कहीं पड़ोसी देशों की खुफिया एजेंसियां नेपाल को भारत विरोधी अड्डा बनाने के लिए इस्तेमाल तो नहीं कर रही है। घटनाओं पर सिलसिलेवार नजर डालें तो स्थितियां साफ हो रही है कि इसके पीछे विदेशी खुफिया एजेंसियों के नेटवर्क से इंकार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि जिस तरह से बवाल आगे बढ़ रहा है, यह इतना बड़ा मसला नहीं है। भारत नेपाल सीमा से सटे बसही गांव के पास नोमेन्स लैंड पर निर्माण के लिए पिछले महीने से ही नेपालीजन अपनी दावेदारी करने लगे थे, बार्डर पिलर के गायब होने के बाद दोनों देशों के उच्चाधिकारियों ने सीमा पर स्थित एक पुराने वृक्ष को ही सर्वमान्य सीमा माना था। भारत की तरफ से अंतराष्ट्रीय सीमा के लिए संयुक्त नाप जोख कराने पर बल दिया जा रहा है, इसी बीच नेपालियों की टीम फिर से नोमैंस लैंड पर कब्जा कर जबरन निर्माण कराने पर आमादा हो गई है। इतना ही नहीं जब विवाद समझने और सुलझाने भारतीय अधिकारी पहुंचे तो गुरुवार को उन पर पत्थरबाजी और हमला किया गया। वह बेहद गंभीर है।
विज्ञापन

------
सीमावर्ती नेपाली क्षेत्र में भारत विरोधी बयार
जिस देश से हमारे रोटी बेटी के संबंध थे, वहां के निवासी एक छोटी सी जगह पर पक्का निर्माण को लेकर इतना बड़ा मुद्दा बनाकर हंगामा करें यह छोटा विषय नहीं है, नेपाली क्षेत्र में शुक्रवार को जिस तरह भारतीय वाहनों के साथ तोडफ़ोड़ शुरू हो गई है और विरोध में पाकिस्तान और चीन जिंदाबाद के नारे लगने लगे हैं वह गले नहीं उतरता है, भारत का विरोध करने तक तो बात चल सकती थी, लेकिन भारत विरोधी नारों के साथ चीन और पाकिस्तान को जिंदाबाद करने के नारे लगाना वाकई गंभीर सवालों को जन्म दे रहा है।
------
बेरोजगार हुए फेक करेंसी के नेटवर्क
यह भी अहम हैं पांच सौ और एक हजार के नोट के बंदी के बाद बड़ी मात्रा में नेपाल में पांच सौ और हजार रुपये की करेंसी अटकी थी, सूत्र यह भी बताते हैं कि भारत की फेक करेंसी भी नेपाल सीमा पर सख्ती के चलते भारतीय क्षेत्रों में खपाई नहीं जा सकी, लिहाजा आईएसआई के प्रायोजित फेक करेंसी नेटवर्क लगभग बेरोजगार सा हो चुका था, इस वजह से भी इंकार नहीं किया जा सकता है, कहीं इस मामूली विवाद को तूल देने और नेपाल को भारत विरोधी अड्डे के रूप में इस्तेमाल करने के लिए विदेशी खुफिया एजेंसियों का दिमाग तो नहीं है।
------
एसपी ने माना, कोई भड़का रहा
खीरी के एसपी मनोज कुमार झा कहते हैं, बार्डर पर हाईअलर्ट है। एसएसबी, पुलिस के अलावा कई एजेन्सियां बार्डर पर सतर्क हैं। उन्होंने बार्डर पर बदलते हालात और भारत विरोधी नारेबाजी के सवाल पर माना कि नेपालियों को कोई भड़का रहा है।
विज्ञापन

------
नेपाल में भारत विरोधी नारेबाजी की सूचना मिल रही है। दूसरे देशों के पक्ष में भी नारेबाजी की बात लोग बता रहे हैं, जिसकी पुष्टि के भी प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण है, किंतु खीरी बार्डर स्थित नेपाल के जिला कंचनपुर और कैलाली के अधिकारियों ने जल्द ही स्थितियों पर काबू पाने का भरोसा दिलाया है। साथ ही तनावपूर्ण स्थिति रहने तक दोनों देशों के आवागमन को प्रतिबंधित रखने पर भी सहमति जताई है।
आकाशदीप, डीएम।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें