उचौलिया। 13 अप्रैल से लापता चल रहे उचौलिया के वनका गांव निवासी किशोरी लाल (41) का शव शनिवार रात शाहजहांपुर के रोजा क्षेत्र में सुखेता नाला के पास जंगल से बरामद हुआ। शव का काफी हिस्सा जंगली जानवर खा गए थे। पुलिस के मुताबिक, उचौलिया के ही एक किशोर ने अपनी बहन की शादी के लिए पैसा जुटाने के चलते दस हजार रुपये लूटने के बाद किशोरी लाल की हत्या की है। इसमें उसका एक और साथी शामिल है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
उचौलिया के वनका गांव निवासी राजेश ने बताया कि उनके भाई किशोरी लाल 13 अप्रैल को लापता हो गए थे। वह बहनोई की मोपेड लेकर गए थे। दो दिन तक उनका कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद पता चला कि गांव निवासी एक किशोर के साथ वह पास के गांव रहीमपुर गए थे। इसके बाद उसने 16 अप्रैल को पुलिस को नामजद तहरीर दी।
राजेश ने बताया कि पुलिस ने उस दिन नामजद किशोर को पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। राजेश की शिकायत पर शनिवार को पुलिस ने जब दोबारा नामजद आरोपी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। वारदात में उसका एक और साथी शामिल था।
शनिवार देर रात आरोपी की निशानदेही पर शव बरामद कर लिया गया। पुलिस ने वनका गांव निवासी किशोर अपचारी और वनका गांव के मजरा रहीमपुर निवासी मुल्तान सिंह के विरुद्ध हत्या कर साक्ष्य छिपाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोनों को गिरफ्तार किया है।
थानाध्यक्ष जितेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि हत्या के आरोपी किशोर की बहन की शादी तय थी। पैसे जुटाने के लिए उसने मुल्तान सिंह के साथ मिलकर किशोरी लाल को जंगल में ले जाकर हत्या कर दी। मोबाइल और दस हजार रुपये लूट लिए थे। आरोपियों के पास से किशोरी लाल का मोबाइल फोन और करीब दो हजार रुपये बरामद हुए हैं। दोनों आरोपियों का किशोरी लाल के साथ उठना बैठना भी था।
हत्या कर मोपेड घर के बाहर छोड़ दी
राजेश ने बताया कि भाई किशोरी लाल आरोपी किशोर के साथ मोपेड से गए थे। 13 अप्रैल को आरोपी किशोर ने किशोरी लाल की हत्या के बाद घर के बाहर मोपेड खड़ी कर दी और चाबी फेंककर भाग गया था। किशोरी लाल अपने बहनोई की मोपेड चलाता था। उसने अपनी मोपेड गांव के एक व्यक्ति के पास गिरवीं रखकर दस हजार रुपये लिए थे। इन्हीं रुपयों के लालच में नामजद किशोर ने वारदात की। राजेश ने बताया कि आरोपी किशोर कई बार चोरी करते पकड़ा गया था, किशोरी लाल ने उसे बचाया था।
राजेश के ऊपर टूटा दुखों का पहाड़
उचौलिया। किशोरी लाल के परिवार में तीन माह में तीन लोगों की मौत हो गई। परिवार में राजेश, किशोरी लाल की पत्नी और बेटी अंजलि (10) बची हैं। तीन मौतों से राजेश पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। राजेश ने बताया कि 27 जनवरी को बीमारी से उसकी पत्नी की मौत हो गई थी। 27 मार्च को मां सुशीला भी बीमारी से चल बसीं। फिर 13 अप्रैल को भाई किशोरी लाल की हत्या कर दी गई।
जंगली जानवर खा गए थे शव
उचौलिया थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर शनिवार देर रात जंगल से किशोरी लाल का कंकाल बरामद किया। करीब नौ दिन जंगल में शव पड़े रहने की वजह से उसे जंगली जानवर खा गए थे। कंकाल के पास पड़े मिले कपड़ों के आधार पर राजेश ने शव की पहचान किशोरी लाल के रूप में की।
किशोरी लाल का घर-संवाद