प्रदेश सरकार में जंतु उद्यान एवं सहकारिता विभाग, वन एवं पर्यावरण, भूमि विकास एवं जल संसाधन, परती भूमि के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उपेंद्र तिवारी ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की। जिसके बाद प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा है कि पिछली सरकारों में हुए भ्रष्टाचार से सहकारिता मिशन तबाह हुआ है। सहकारी समितियों की खस्ता हालत के लिए उन्होंने सपा और बसपा सरकारों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। कहा कि सहकारिता विभाग की समितियों में होने वाले चुनाव में अच्छे लोगों के चुनकर आने से सुधार होगा।
एलआरपी स्थित गेस्ट हाउस में बुधवार को दोपहर दो बजे राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी पहुंचे, जहां उन्होंने एआर कोऑपरेटिव मंगल सिंह, अर्बन बैंक के सीईओ शवल गुप्ता, डीएचओ दिग्विजय सिंह, डीएफओ साउथ समीर वर्मा आदि अधिकारियों संग बैठक कर उनके कामों की समीक्षा की। किसानों की आय दोगुनी करने की बात कहते हुए छूट की प्रजातियों के पेड़ों के कटान पर एनजीटी द्वारा लगाई गई रोक को हटाए जाने की वकालत की। साथ ही इसके लिए 31 जनवरी को एनजीटी में होने वाली सुनवाई में सरकार की ओर से किसानों के हित में पक्ष रखे जाने की बात कही है।
धान खरीद के बारे में पूछताछ की और उद्यान विभाग की योजनाओं की प्रगति के बारे में जाना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं को छोटे किसानों तक पहुंचाया जाए, जिसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में राज्यमंत्री ने कहा कि किसानों की उन्नति में सहकारिता विभाग का महत्वपूर्ण रोल है, लेकिन पिछली सपा और बसपा सरकारों में हुए भ्रष्टाचार से सहकारी समितियां तबाह हुई हैं। भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि समितियों के प्रबंध समिति के चुनाव होने के बाद जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। परिषदीय स्कूलों में स्वेटर वितरण में हुई देरी के सवाल पर राज्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पहली बार बच्चों को जूता-मोजे बांटने की शुरूआत की है।