प्रदेश के कारागार मंत्री बलराम यादव ने कहा कि जहां प्राकृतिक संपदा है नक्सलवाद भी वहीं पनपता है। यदि हमें खेती को आत्मनिर्भरता का साधन बनाना है तो उत्तम खेती मध्यम बान के मुहावरे पर चलना होगा, तभी किसान खुशहाल होगा। उन्होंने यह बात चौधरी बेचेलाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय कृषि विज्ञान प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद बतौर मुख्य अतिथि कही।
मुख्य अतिथि बलराम सिंह यादव ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिले इसके लिए सरकार दृढ़संकल्पित है। किसानों की खेती संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार किसानों के हित में योजनाएं चला रही है, किसान इनका भरपूर लाभ उठाएं और अपनी खेती उन्नत बनाकर देश समृद्ध करें।
डीएम किंजल सिंह ने भी किसानों को संबोधित किया। महाविद्यालय में आयोजित कृषि विज्ञान प्रदर्शनी में डीएम किंजल सिंह ने किसानों के सामने अपने मन की बात कविता के माध्यम से कही। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनी हमेशा लगनी चाहिए। पूर्व मंत्री यशपाल चौधरी ने कहा कि क्षेत्र में लागत की अपेक्षा उत्पादन क्षमता लगातार गिरती जा रही है जो चिंता का विषय है। इसके लिए किसानों को पशुपालन के साथ उन्नतशील जैविक खेती को अपनाना होगा। लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद भदौरिया ने कहा कि किसानों को खेती के साथ अपने बच्चों की उच्च शिक्षा पर ध्यान देना होगा।
इस मौके पर राज्यसभा सदस्य रवि प्रकाश वर्मा, पूर्व विधायक अनिल वर्मा, व्यापारी प्रेमशंकर अग्रवाल धौरहरा टाउन एरिया के चैयरमैन राजीव जायसवाल, सपा जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल, चौधरी वरुण सिंह, प्राचार्य डॉ. कांती प्रसाद, गोविंद शुगर मिल के आलोक सक्सेना, बीके सिंह, लाल जी सिंह आदि मौजूद रहे।