लखीमपुर खीरी। पलिया में शारदा नदी के बहाव के रास्ते पर खनन की बात सामने आने पर जिलाधिकारी ने पट्टा निरस्त कर दिया है। बीते माह पट्टा होने के बाद इसका लगातार विरोध हो रहा था। पलिया विधायक रोमी साहनी ने विरोध जताते हुए पट्टा निरस्त किए जाने की मांग की थी। जिसके बाद डीएम ने जांच के लिए समिति गठित की थी।
पलिया के ग्राम अतरिया में शारदा नदी के किनारे गाटा संख्या 504 पर बालू खनन का पांच वर्षीय पट्टा बरेली की फर्म मैसर्स सोबती इन्फ्राटेक लिमिटेड को किया गया था। पलिया में बीते वर्ष बरसात के सीजन में भीषण बाढ़ आई थी और अतरिया गांव के पास ही रेल लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। भीरा रोड पर भी बाढ़ का पानी कई दिनों तक चला था।
इसलिए खनन पट्टा होने पर लोगों के साथ ही विधायक रोमी साहनी ने नाराजगी जताते हुए पट्टा निरस्त किए जाने की मांग की थी। कहा था कि यदि खनन हुआ तो पलिया को फिर से भीषण बाढ़ का सामना करना पड़ेगा। इसके बाद डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने एक समिति गठित कर खनन क्षेत्र की जांच के निर्देश दिए थे।
समिति ने बीती 25 जनवरी को ग्राम अतरिया में मौके पर पहुंच कर जांच की और अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी। रिपोर्ट में टीम ने कहा है कि खनन पट्टे का क्षेत्र शारदा नदी की अप स्ट्रीम पर बाएं किनारे एवं रेलवे गाइड बंधे से करीब 200 मीटर दूर है।
हालांकि नदी का प्रवाह बदलने के कारण ये क्षेत्र नदी के के बहाव के रास्ते के 600 मीटर अंदर आ गया है। ऐसे में यहां खनन होने से नदी की धारा प्रभावित होगी। डीएम ने इस रिपोर्ट के आधार पर खनन पट्टा निरस्त कर दिया है।