किसानों का गन्ना तोलने के लिए बनाए 498 क्रय केंद्र
डीसीओ दफ्तर में खुला कंट्रोल रूम, सुबह आठ से रात 10 बजे तक दर्ज कराएं शिकायत
जिले की नौ चीनी मिलों का गन्ना सुरक्षण आदेश जारी होने के बाद क्रय केंद्रों (तोल सेंटर) की संख्या निर्धारित कर दी गई है। कुल 498 क्रय केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें सबसे ज्यादा अजवापुर मिल 93 सेंटर स्थापित करेगी। तो संपूर्णानगर सबसे कम 29 सेंटर बनाएगी। इस बार चीनी मिलों को एकमुश्त 14 दिन के अंदर किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान करना होगा।
पेराई सत्र 2016-17 के लिए सभी नौ मिलों में पेराई प्रारंभ हो चुकी है। पेराई क्षमता के लिहाज से गोला को 48, पलिया को 39, खंभारखेड़ा को 47, ऐरा को 73, अजवापुर को 93, कुंभी को 65, गुलरिया को 65, बेलरायां को 39 और संपूर्णानगर को 29 क्रय केंद्र आवंटित किए गए हैं। जिले में दो लाख 58 हजार 344 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की फसल तैयार हुई है। सरकार ने गन्ना मूल्य घोषित करने के साथ ही भुगतान की व्यवस्था एकमुश्त कर दी है, जबकि पिछले वर्षों में मिलों को दो किश्तों में गन्ना मूल्य भुगतान की सुविधा मिली हुई थी। जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि सभी मिलों के अध्यासियों को गन्ना आयुक्त के आदेश की प्रति भेजी गई है, जिसमें एकमुश्त भुगतान करने के निर्देश हैं। अभी अजवापुर मिल ने पिछले वर्ष की व्यवस्था के अनुसार किसानों को 12 करोड़ रुपये (240 रुपये के हिसाब से) भुगतान किया है, लेकिन उसे शेष भुगतान भी शीघ्र करना होगा। जबकि अन्य मिलों ने किसानों को भुगतान नहीं किया है।
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घर बैठे गन्ना किसान दर्ज कराएं शिकायत
जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम खोला गया है, जिसका नंबर 05872-272013 है। इस पर कोई भी गन्ना किसान सुबह आठ बजे से रात 10 बजे तक फोन कर शिकायत दर्ज करा सकता है। राजेश प्रजापति को कंट्रोल रूम का प्रभारी बनाया गया है और अन्य कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है, जो प्रतिदिन दर्ज होने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण कराएंगे।
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डीसीओ ने दो क्रय केंद्र देख, अव्यवस्थाएं मिलीं
जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने मंगलवार को खंभारखेड़ा मिल के पहाड़पुर और हरगांव मिल के अधारपुर स्थित क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। तो दोनों केंद्रों पर अव्यवस्थाएं मिलीं। पूछताछ में कांटा इंचार्जों ने बताया कि मिल में ब्रेक डाउन होने से गन्ना तोल प्रभावित हुई हैै। इस पर डीसीओ ने मिल अधिकारियों से बात कर किसानों का जल्द गन्ना तोलवाने के निर्देश दिए। डीसीओ ने बताया कि हरगांव मिल द्वारा जारी की गई पर्चियों में अंतर मिला है, जिसकी जांच कराई जाएगी।