फिर भी किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं कर रहीं मिलें
लखीमपुर खीरी। जनपद की सभी नौ चीनी मिलों में 2022-23 का पेराई सत्र जारी है। मिलें चीनी के अलावा सह उत्पादों शीरा, बैगास, प्रेसमड, एथेनॉल आदि का भी निर्माण कर करोड़ों की कमाई कर रहीं हैं। फिर भी किसानों के बकाया गन्ना भुगतान के लाले पड़े हैं।
2021-22 में चीनी समेत शीरा, बैगास, एथेनॉल, प्रेसमड का उत्पादन करके मिलों ने करोड़ों रुपये कमाए। गोला मिल ने 12,65,890 क्विंटल चीनी उत्पादन किया था। इसके अलावा सह उत्पाद के तौर पर 8,65,250 क्विंटल शीरा, 36,18,000 क्विंटल बैगास, 6,56,680 क्विंटल प्रेसमड और 2,55,67,350 लीटर एथेनाल का उत्पादन हुआ था।
ऐसे ही पलिया मिल में 9,90,290 क्विंटल चीनी, 6,75,420 क्विंटल शीरा, 28,41,620 क्विंटल बैगास, 4,43,583 क्विंटल प्रेसमड, 7,85,450 लीटर एथेनॉल सी, 82,26,667 लीटर एथेनॉल बी का उत्पादन हुआ। खंभारखेड़ा मिल में 8,31,451 क्विंटल चीनी, 5,58,800 क्विंटल शीरा, 23,02,129 क्विंटल बैगास, 3,46,040 क्विंटल प्रेसमड, 1,58,91,600 लीटर एथेनॉाल का उत्पादन हुआ था। ऐरा मिल में 12,88,439 क्विंटल चीनी, 8,86,055 क्विंटल शीरा, 5,34,692 क्विंटल बैगास, 4,97,880 क्विंटल प्रेसमड, 1,33,355 लीटर एथेनाल सी और 2,31,87,761 लीटर एथेनॉल बी का उत्पादन हुआ था। सह उत्पादों में एथेनॉल का प्रयोग इंडस्ट्री के अलावा पेट्रोल में मिक्स करने में होता है। इससे मिलों को अच्छी कमाई होती है। इसके अलावा शीरा, प्रेसमड, बैगास से भी चीनी मिलें कमाई करती हैं।
बजाज ग्रुप की तीनों मिलों गोला, पलिया व खंभारखेड़ा पर पिछले वर्ष का 4.89 अरब से अधिक गन्ना मूल्य बकाया है। इसका भुगतान कराने के लिए मिलों को नोटिस जारी की जा चुकी हैं। सरकार की ओर से भी भुगतान कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। शुक्रवार को इन मिलों ने करीब ढाई करोड़ रुपये भुगतान किया है।
- वेदप्रकाश सिंह, जिला गन्ना अधिकारी
बैगास 300 रुपये प्रति क्विंटल
लखीमपुर खीरी। बाजार में चीनी का भाव 3500 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल है। इसके अलावा सह उत्पाद बैगास 250 से 300 रुपये प्रति क्विंटल बिकता है। शीरा का रेट 800 से 900 रुपये प्रति क्विंटल है। प्रेसमड का रेट 40 से 50 रुपये प्रति क्विंटल है। एथेनॉल का 60 से 65 रुपये प्रति लीटर है। इस हिसाब से चीनी मिलें चीनी के अलावा सह उत्पादों को बेचकर करोड़ों रुपये कमाती हैं। संवाद
नए पेराई सत्र में भी भुगतान नहीं, सरकार भी नहीं दे रही पैसा
लखीमपुर खीरी। गन्ना एक्ट के मुताबिक, मिलों को गन्ना खरीदने की तिथि से 14 दिन के अंदर भुगतान करना अनिवार्य है। बावजूद इसके गोला, पलिया व खंभारखेड़ा मिलों ने नए पेराई सत्र में अब तक एक बार भी भुगतान नहीं किया है, जबकि इस हिसाब से गोला पर 30.34 करोड़, पलिया पर 9.99 करोड़ और खंभारखेड़ा पर 23.90 करोड़ रुपये बकाया हो चुके हैं।
बताते चलें कि बजाज ग्रुप की तीनों मिलों पर 48917.87 लाख रुपये पिछले पेराई सत्र 2021-22 का बकाया है। इसमें गोला मिल पर दो अरब तीन करोड़ 25 लाख 45 हजार रुपये, पलिया मिल पर एक अरब 69 करोड़ 96 लाख 82 हजार रुपये, खंभारखेड़ा मिल पर एक अरब 15 करोड़ 95 लाख 90 हजार रुपये बकाया हैं। इसके अलावा सहकारी क्षेत्र की संपूर्णानगर मिल पर पांच करोड़ 48 लाख छह हजार रुपये गन्ना मूल्य बकाया है।
उधर, मिल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि प्रदेश सरकार पर 1361 करोड़ रुपये बिजली बिल बकाया है, जिसका सरकार भुगतान नहीं कर रही है। मामले में किसान नेता पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने इस आशय का राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन भेजकर सरकार से मिलों को पैसा देने की मांग की है, जिससे किसानों का बकाया गन्ना भुगतान हो सके।