- बिजली बिल के भुगतान को लगाए गए थे विशेष काउंटर
नोटबंदी से बिजली महकमे की बल्ले-बल्ले हो गई। 1000 और 500 नोटों के चलन से बाहर हो गए हैं। जबकि बिल जमा करने के लिए यह रुपये चल रहे हैं। जिससे सालों से बकाया पड़े बिजली बिलों के भुगतान के लिए विभाग द्वारा लगाए गए विशेष काउंटरों पर बकायेदारों की भारी भीड़ रही।
गोला डिवीजन के एक्सईएन उमेश चंद्र सोनकर ने बताया सरकार के 1000 और 500 नोटों को चलन से बंद होने के बाद बकाया पड़े बिजली बिलों के भुगतान के लिए उपभोक्ताओं में होड़ मची हुई है। उन्होंने बताया कि डिवीजन में पिछले पांच दिनों के दौरान सालों से बकाया पड़े बिजली बिलों का भुगतान नहीं कर पा रहे उपभोक्ताओं ने बंद किए गए 1000 और 500 रुपये के नोटों के जरिये दो करोड़ रुपये बकाया बिजली बिल का भुगतान किया है। उन्होंने बताया कि लोगों को परेशानियों से बचने के लिए डिवीजन में विशेष काउंटर खोलकर बकाया बिजली बिल जमा किए जा रहे है।
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नोटबंदी को लेकर फेल हो गई ज्योतिषों की गणित
नोटबंदी के फैसले में ज्योतिषी की गणित भी फेल हो गई। देश में लगभग 50 लाख ज्योतिष आमजनों और राजनैतिक दलों के भूत, भविष्य और वर्तमान की जानकारी उपलब्ध करा देते हैं। जबकि नोटबंदी के फैसले की भविष्यवाणी एक भी ज्योतिष नहीं कर सका। इसको लेकर सरकार के नोटबंदी का फैसला लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।