अब विद्यालय पहुंचने पर ही बच्चों को उबला हुआ दूध मिलेगा। इस आशय के निर्देश डीएम ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को बैठक में दिए है। दूध वितरण के समय प्रबंध समिति की महिलाएं भी उपस्थित रहेंगी।
मध्याह्न भोजन योजना को लेकर डीएम किंजल सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की। यहां डीएम ने बीते बुधवार को दूध दिए जाने की व्यवस्था पर चर्चा की। डीएम ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दूध वाला बर्तन अलग रखा जाए। उसे केवल बुधवार को दूध के लिए प्रयोग किया जाए। इसके अलावा अब भोजन के साथ या भोजन के बाद बच्चों को दूध न दिया जाए। दूध सुबह ही उबाल लिया जाए और सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचें तो उबला हुआ दूध थोड़ा ठंडा करके उन्हें दिया जाए। डीएम ने बताया कि शासन से भी इस तरह के निर्देश आए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिस समय दूध वितरित किया जाए उस समय विद्यालय प्रबंध समिति की महिला सदस्य भी विद्यालय में उपस्थित रहें। उन्होंने बताया कि मध्याह्न भोजन व्यवस्था में सफाई का खास ध्यान रखा जाए।
बच्चे बीमार होने की जांच बीईओ मितौली को
विकास खंड पसगवां में बुधवार को कोफ्ता चावल खाने तथा दूध पीने से बीमार हुए बच्चों के मामले में बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी मितौली संजय गुप्ता को जांच सौंपी है। बीएसए ने बताया इस मामले में तीन अध्यापक पहले ही सस्पेंड किए जा चुके हैं। सभी से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। इसके अलावा मामले की जांच रिपोर्ट मिल जाने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।