शादी-बीमारी का हवाला देकर मांग रहे भुगतान
बजाज ग्रुप की तीन और ऐरा मिल सबसे फिसड्डी
जिले की नौ चीनी मिलों में पेराई सत्र अब अंतिम दौर में है। कई इलाकों में गन्ना कम होने से गोला और पलिया मिल ने बंदी का नोटिस भी जारी कर दिया हैै। वहीं पहली किस्त के भुुगतान के मामले में सबसे ज्यादा पेराई करने वाली बजाज ग्रुप समेत कई चीनी मिलें देरी कर रही हैं। होली नजदीक आने के चलते किसानों को पैसे की सख्त जरूरत है। 75 किसानों ने शादी- बीमारी का प्रार्थना पत्र देकर मिलों से पैसा दिलाने की मांग करते हुए जिला गन्ना अधिकारी के चक्कर लगाने शुरू कर दिए है।
जिले के पांच लाख से अधिक गन्ना किसान नौ चीनी मिलों को गन्ने की सप्लाई करते हैं, जिनसे प्राप्त होने वाले भुगतान पर उनकी आर्थिक स्थिति निर्भर है। चालू पेराई सत्र में सबसे ज्यादा गन्ना पेराई (124.84 लाख क्विंटल) करने वाली बजाज ग्रुप की गोला मिल बंदी की कगार है और उसने कुछ दिनों में बंदी का नोटिस भी जारी कर दिया है। बावजूद इसके भुगतान के मामले में सबसे पीछे है, जबकि इस पर एक अरब 85 करोड़ 48 लाख 41 हजार रुपये (230 रुपये प्रति क्विंटल/14 दिन पूर्व तक) बकाया है। बजाज ग्रुप की पलिया पर एक अरब 63 करोड़ 58 लाख 76 हजार रुपये, खंभारखेड़ा पर एक अरब 51 करोड़ 76 लाख 27 हजार रुपये बकाया है। इसी तरह ऐरा मिल पर 46 करोड़ 49 लाख 69 हजार रुपये, अजबापुर पर 24 करोड़ 15 लाख 49 हजार रुपये, सहकारी क्षेत्र की बेलरायां पर 26 करोड़ 83 लाख 65 हजार और संपूर्णानगर मिल पर 30 करोड़ 76 लाख 40 हजार रुपये बकाया है। इस तरह सात मिलों पर छह अरब 29 करोड़ आठ लाख 67 हजार रुपये बकाया है, जिसमें बजाज ग्रुप की तीन मिल गोला, पलिया और खंभारखेड़ा पर सबसे अधिक पांच अरब 83 लाख 44 हजार रुपये बकाया है। खास बात यह है कि किसानों के सबसे बड़े बकाएदारों में शामिल इन मिलों ने सबसे पहले बंदी का ऐलान भी कर दिया है।
इस वर्ष खरीदे गन्ने का नहीं किया भुगतान
किसानों के बदहाल हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2016 में खरीदे गन्ना मूल्य का तीन मिलों गोला, पलिया और खंभारखेड़ा ने भुगतान नहीं किया हैै। वहीं आला अफसर भी मौन साधे हुए हैं। जबकि गोला ने 13 दिसंबर 2015 तक, पलिया ने 19 दिसंबर और खंभारखेड़ा ने 16 दिसंबर तक खरीदे गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। वहीं ऐरा मिल ने भी सात फरवरी 2016 तक भुगतान किया है।
बुधवार को सभी चीनी मिलों ने 56.89 करोड़ रुपये भुगतान किया है। बजाज ग्रुप की मिलों को जल्द भुगतान के लिए चेतावनी दी गई है। अन्य मिलों ने भुुगतान में तेजी अपनाई है। अभी तक 75 किसानों ने शादी-बीमारी या कर्ज अदा करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया हैै, जिनका भुगतान कराया जा रहा है।
जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी