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मेडिकल कॉलेज में नेताओं के पेंच पर गुस्साए गांव वाले

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मेडिकल कॉलेज की जगह बदलने के विरोध में ज्ञापन देते ग्राम प्रधान - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। सदर तहसील के गांव सैदापुर भाऊ में मेडिकल कॉलेज के भवन निर्माण का कार्य अभी शुरू नहीं हो पाया है, इससे पहले ही खींचतान मच गई है। सांसद और विधायक ने सैदापुर भाऊ में मेडिकल कॉलेज के निर्माण में पेंच फांसते हुए इसे देवकली रोड के बजाय लखीमपुर-पलिया स्टेट हाईवे पर स्थित गांव ताहिरपुर में बनाने का सुझाव दिया है। इसकी जानकारी मिलने के बाद से सैदापुर भाऊ समेत आसपास के गांवों के प्रधानों और ग्रामीणों में नाराजगी है।
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शनिवार को सैदापुर भाऊ समेत आसपास की ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने डीएम को ज्ञापन दिया, जिसमें उन्होंने मेडिकल कॉलेज को सैदापुर में ही निर्धारित स्थान पर बनाने की मांग की। साथ ही मेडिकल कॉलेज स्थल तक सड़क चौड़ीकरण के लिए आवश्यकतानुसार किसानों की जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
देवकली रोड पर सैदापुर भाऊ गांव में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराने के लिए शासन ने कुल लागत 233.1377 में से पहली किस्त के तौर पर 20 करोड़ रुपये पिछले महीने रिलीज किए थे, जिससे कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड एक को भवन निर्माण कार्य प्रारंभ कराना है। कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते निर्माण कार्य प्रारंभ होने में देरी हो रही है। इस बीच सांसद अजय मिश्र टेनी, विधायक योगेश वर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन नरेंद्र सिंह ने सैदापुर भाऊ के बजाय लखीमपुर-पलिया स्टेट हाईवे पर गांव ताहिरपुर में मेडिकल कॉलेज बनाने का सुझाव दिया है। स्थान परिवर्तन की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वित्त, संसदीय कार्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के मंत्री सुरेश कुमार खन्ना को कई पत्र भेजे। इन पत्रों में स्थान परिवर्तन के कारणों का हवाला देते हुए बताया गया है कि सैदापुर भाऊ में चयनित जमीन एकांत मार्ग (लिंक मार्ग) पर स्थित है। इस रास्ते में कई रेलवे क्रॉसिंग पड़ती हैं, जिससे जाम की समस्या रहती है। इसलिए इसका स्थान परिवर्तन कर लखीमपुर-पलिया स्टेट हाईवे पर स्थित गांव ताहिरपुर कर दिया जाए। जरनप्रतिनिधियों के पत्रों का संज्ञान लेते हुए शासन के विशेष सचिव राम नेवास ने मामले में जांच कराकर डीएम से रिपोर्ट मांगी, जिस पर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने सीएमओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। यह कमेटी पूर्व में चयनित जमीन और जनप्रतिनिधियों द्वारा सुझाए गए प्रस्तावित जमीन के संबंध में डीएम को आख्या देगी।
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‘रेलवे क्रॉसिंग का आधार बिल्कुल निराधार’
डीएम को दिए ज्ञापन में सैदापुर भाऊ के प्रधान रामदयाल गुप्ता, फरधान के प्रधान दीपू गौतम, नरदवल की प्रधान रामवती, आदमपुर के प्रधान श्रीराम, मन्यौरा के प्रधान मंजीत कुमार आदि ने कहा है कि संपर्क सड़क का अभाव और निकट की रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की समस्या को आधार बनाकर परियोजना को निरस्त कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी व्याप्त है। प्रधानों का कहना है कि सभी क्षेत्रीय किसान परियोजना स्थल तक चौड़ी सड़क बनाने के लिए अपनी जमीन देने को तैयार हैं और जिस रेलवे क्रॉसिंग को आधार बनाया जा रहा है वह बिलकुल निराधार है। प्रधानों के पक्ष मेें श्रीनगर विधायक मंजू त्यागी ने डीएम को पत्र लिखकर सैदापुर भाऊ में ही मेडिकल कॉलेज बनाने की मांग रखी है।
मेडिकल कॉलेज के स्थान परिवर्तन के लिए सुझाव दिया था, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिले। नया प्रस्तावित स्थल स्टेट हाईवे के किनारे हैं, जबकि चयनित स्थल तक जाने वाले लिंक मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग पड़ती है। इसके अलावा वहां तक पहुंचने के रास्ते पर जाम की स्थिति रहती है। जबकि मेडिकल कॉलेज तक जाने वाली सड़क चौड़ी होनी चाहिए, जिससे दो एंबुलेंस एकसाथ निकल सकें।
-अजय मिश्रा टेनी, सांसद, खीरी लोकसभा
मेडिकल कॉलेज के लिए दोनों स्थल उपयुक्त पाए गए हैं। देवकली रोड स्थित सैदापुर भाऊ में चयनित स्थल पर जाने के लिए आईसीएमआर की गाइड लाइन के मुताबिक 24 मीटर चौड़ा रास्ता नहीं है, लेकिन ताहिरपुर में प्रस्तावित स्थल के लिए 24 मीटर चौैड़ा रास्ता मिल रहा है। इसके साथ ही 14 मीटर चौड़ी ओडीआर (अंर्तजनपदीय मार्ग) और तीन मीटर की पगडंडी मिल रही है। देवकली रोड पर रास्ता चौड़ा बनाने के लिए शनिवार को प्रधानों ने जमीन दिलाने की बात कही है। दोनों ही स्थलों की कंडीशन के हिसाब से चयन के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।
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-शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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