ेजिली न होने के कारण जांच रिपोर्ट के इंतजार मे तीमारदार
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ओयल/लखीमपुर खीरी। जिला मुख्यालय की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बेपटरी हैं। कहने के लिए मोतीपुर में 200 बेड का एसी अस्पताल है मगर 24 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित न होने से स्टाफ, मरीज और तीमारदार परेशान हो रहे हैं। उमस भरी गर्मी में लोगों का दम घुट रहा है। मरीजों को होने वाली दिक्कतों को लेकर न तो विभागीय अधिकारी गंभीर हैं और न ही जिला प्रशासन।
रोज की तरह मंगलवार को भी अचानक सुबह दस बजे बिजली चली गई। उमस भरी गर्मी और मरीजों की भीड़ से अस्पताल परिसर में लोगों का दो पल रुकना तक मुश्किल हो गया। डॉक्टर से लेकर दवा लेने आए मरीज पसीने से तरबतर हो गए। इस तरह की रोजाना हो रही समस्या को लेकर स्टाफ, मरीज और तीमारदारों में नाराजगी है। स्टाफ का कहना है कि रोजाना आम रोस्टर की तरह असमय विद्युत कटौती से काम बाधित होता है।
दूर-दराज से अस्पताल आए मरीजों को दिक्कत होती है। सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक कई बार बिजली के आने-जाने से न तो ओपीडी हो पाती है और न ही जांच और ऑपरेशन। ऐसे में कई बार मरीजों को दूसरे दिन तक पड़ जाता है। इससे उनका समय और पैसा दोनो बर्बाद होता है। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकरी डॉ.संतोष मिश्रा का कहना है कि 24 घंटे बिजली सप्लाई के लिए विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। जल्द ही अस्पताल को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।
एमसीएच विंग में शुरू हो गए मोतियाबिंद के ऑपरेशन
ओयल। मोतीपुर स्थिति 200 बेड के मातृ एवं शिशु कल्याण अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन होने शुरू हो गए। मंगलवार को ओटी की शुरूआत कर मोतियाबिंद से पीड़ित पांच लोगों के ऑपरेशन किए गए। नेत्र सर्जन डॉ. पूनम वर्मा ने पहले दिन मरीजों के ऑपरेशन किए।
बता दें कि करीब डेढ़ माह पहले जिला अस्पताल को एमसीएच विंग में शिफ्ट किया गया था मगर अव्यवस्थाओं के चलते वहां पर सिर्फ ओपीडी ही हो रही थी। ओटी तैयार न होने से मोतियाबिंद से पीड़ितों के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे थे। इससे गरीब मरीज बेहद परेशान थे। कई दिन की तैयारियों के बाद आखिरकार मंगलवार को ओटी तैयार हो गई। इस पर डॉक्टर ने स्टाफ संग विधि विधान से पूजन कर ऑपरेशन करने की शुरूआत की।