फाइल फोटो- पिंजरे में कैद मरौचा की बाघिन।
बांकेगंज। मरौचा से पकड़कर दुधवा टाइगर रिजर्व के कतर्निया घाट ( वन्यजीव विहार ) में छोड़ी गई बाघिन इन दिनों नेपाल के जंगलों में विचरण कर रही है। रेडियो कॉलर के जरिए उसकी लोकेशन नेपाल में मिल रही है। टाइगर रिजर्व प्रशासन लगातार बाघिन की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की पलिया रेंज के मरौचा इलाके के निबुआबोझ में एक बालक का शिकार करने वाली बाघिन को 29 नवंबर 2022 को सोनारीपुर रेंज में छोड़ा गया था, लेकिन वह लौटकर फिर मरौचा आ गई थी और करीब दो माह तक लालपुर,ढाका, ऐंठपुर, पटिहन फरसहिया समेत कई गांवों में लगातार सक्रिय दिख रही थी। इस पर वन विभाग ने उसे 5 अप्रैल 2023 को दुबारा पिंजरे में कैद कर कतर्निया घाट जंगल में छोड़ा गया था। अब वह बाघिन कतर्निया घाट जंगल से सीमा पार नेपाल के जंगल में जा पहुंची है।
रेडियो कॉलर आईडी से जो लोकेशन मिल रही है,वह सीमावर्ती जंगल की है। दुधवा टाइगर रिजर्व के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक/एफडी बी. प्रभाकर ने मरौचा की बाघिन के नेपाल में होने की पुष्टि करते हुए बताया कि बाघिन पर रेडियो कॉलर के जरिए लगातार नजर रखी जा रही है। बताया कि बाघिन की गतिविधियां पूरी तरह सामान्य हैं।