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कोरोना का असरः सर्दी का मौसम और बाजार में गर्म कपड़ों की किल्लत

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रेडीमेड स्टोर पर गर्म कपड़े खरीदतीं महिलाएं। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। कोरोना ने गर्म कपड़ों का कारोबार खासा प्रभावित कर दिया है। न तो दुकानदारों को पर्याप्त मात्रा में वूलेन माल मिल पा रहा है और न ही खरीदारों को मनपसंद गर्म कपड़े। लॉकडाउन में बंद रही फैक्ट्रियों का असर सर्दी के कारोबार पर सीधे तौर पर दिख रहा है। दुकानदारों का कहना है कि हालात यह हैं मांग के सापेक्ष 40 प्रतिशत ही गर्म कपड़ों की आपूर्ति हो पा रही है। हालांकि सर्दी की दस्तक होते ही गर्म ऊनी कपड़े खरीदने के लिए लोग दुकानों पर पहुंच रहे हैं। उधर दुकानदारों को कंपनियों के लिए भेजे गए आर्डर के आने का इंतजार हैं।
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बीते वर्षों में गर्म कपड़ों का बाजार अक्तूबर में ही सज जाता था। रेडीमेड दुकानों से लेकर कंपनी बाग फुटपाथ पर स्वेटर, जैकेट से लेकर शॉल, कंबल की दर्जनों दुकानें सज जाती थी। मगर, इस बार कोरोना काल में नवंबर माह के अंत तक न तो रेडीमेड दुकानों पर गर्म कपड़े पर्याप्त मात्रा में हैं और न ही फुटपाथ बाजार ही सज सका है। दुकानदार बताते हैं कि लॉकडाउन में फैक्ट्रियां बंद रहीं। कारीगर घर लौट आए। इस कारण गर्म कपड़ों का उत्पादन बिल्कुल ठप रहा। अनलॉक में फैक्ट्रियां चलीं जरूर, लेकिन कारीगर कम ही पहुंचे। इसलिए पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े तैयार नहीं हो सके। अभी भी कंपनियों में कारीगरों की संख्या सीमित है। इसलिए 100 पीस की डिमांड करने पर सिर्फ 40 ही मिल पा रहे हैं। जबकि हर साल मई जून में कंपनियों की ओर से डिजाइन आदि भेजकर आर्डर बुक करने का सिलसिला शुरू हो जाता था, लेकिन इस बार यह सब बंदी की भेंट चढ़ गया।
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आर्डर का मिल रहा 40 प्रतिशत
गर्म कपड़ों के कारोबारी बताते हैं कि अनलॉक को भले ही चार माह बीत रहे हों, लेकिन कारीगर आदि के न होने के कारण माल तैयार नहीं हो पा रहा। ऐसे में यदि सौ पीस आर्डर करते हैं तो बमुश्किल 35 से 40 ही मिल पाते हैं।
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कम संख्या में ट्रेनों का न चलना भी बना मुसीबत
ट्रेनों का न चलना भी गर्म कपड़ों कारोबार के लिए मुसीबत बना है। पहले दुकानदार मोबाइल पर ही डिजाइन आदि देखकर आर्डर बुक कराते थे और कंपनी के लोग उसकी डिलीवरी रेलवे से भेजते थे। मगर इस बार कम संख्या में ट्रेनें चलने से माल आने में भी दिक्कत है। दुकानदारों का कहना है कि अब तो अपने वाहन से जाना होगा। इससे गर्म कपड़ों पर महंगाई भी बढ़ेगी।
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बरेली, दिल्ली और लुधियाना से आता है माल
जिले में गर्म कपड़ों का माल बरेली और दिल्ली से आता है। मगर प्रमुख कंपनियों का माल लुधियाना से आता है। इस बार दुकानदारों को न तो बरेली से मांग के अनुसार सप्लाई मिल पा रही है और न ही दिल्ली एवं लुधियाना से।
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गर्म कपड़ों की इस बार बेहद कमी है। लॉकडाउन के कारण माल ही नहीं मिल पा रहा है। सुबह शाम सर्दी होने लगी है। ग्राहक भी गर्म कपड़ों मांग कर रहा है। माल न होने के कारण ग्राहक वापस लौट रहे हैं।
- अमित साहू, साहू गारमेंट्स
पिछले सालों की तुलना में न तो इस बार वैरायटी मिल पा रही और न ही माल ही। सुबह शाम सर्दी हो रही है। ऐसे में लोग वूलेन टीशर्ट आदि की मांग कर रहे हैं। मगर माल ही नहीं है। जबकि एक माह पहले का आर्डर है।
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- नईम खान, बालीवुड फैशन
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