गांव में भरा बाढ़ का पानी
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सड़क पर ट्रॉलियों को बना लिया घर
पलिया-भीरा मार्ग पर रोड किनारे निवास करने वाले ग्रामीणों के घर पानी भर गया है। जिससे वह रेलवे क्रॉसिंग के पास ही ट्रैक्टर-ट्रॉली को घर बनाकर गुजर-बसर कर रहे हैं। ट्रॉलियों में घर का कीमती सामान लदा हुआ है, जबकि सड़क पर ही चारपाई आदि डालकर रह रहे हैं। प्रशासन की तरफ से इनको तिरपाल की व्यवस्था कराई गई है। कुछ लोगों ने अपने स्तर से तिरपाल आदि लिया है। बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि प्रतिदिन प्रशासन की तरफ से लंच पैकेट भी मिलते हैं लेकिन वह खुद भी खाना कभी-कभार बना लेते हैं।
सैकड़ों पीड़ितों तक नहीं पहुंची बाढ़ राहत सामग्री
पलियाकला में शारदा व सुहेली नदियों की बाढ़ से प्रभावित सैकड़ों ग्रामीणों को प्रशासन की तरफ से लंच पैकेटों का वितरण किया जा रहा है, लेकिन अभी बाढ़ राहत किट उपलब्ध नहीं कराई गई है। लंच पैकेटों में भी कभी तहरी, अचार व कभी पूड़ी-सब्जी का वितरण प्रशासन करा रहा है। इस बारे में शुक्रवार को एसडीएम कार्तिकेय सिंह ने बताया कि राहत किट अभी तक तहसील में आ नहीं सकी हैं। देर शाम या फिर शनिवार तक किट आने के बाद तुरंत उनका वितरण बाढ़ पीड़ितों में कराया जाएगा।
वहीं, संपूर्णानगर थाना क्षेत्र के गोविंदनगर, खजुरिया, कमलापुरी, संपूर्णानगर आदि गांव में लंच पैकेट प्रशासन ने बांटे हैं। सिंगाही खुर्द की बाढ़ पीड़ित मीरा देवी, अर्जुन, राहुल, माया के अलावा अन्य कई बाढ़ प्रभावित पीड़ित ट्रैक्टर-ट्रॉली पर जीवन यापन कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन एक समय लंच पैकेट भेज रहा है लेकिन बाढ़ राहत किट नहीं मिल पाई है। लेखपाल विनीत सिंह ने बताया कि बाढ़ राहत किट आते ही वितरण प्राथमिकता में कराएंगे।