बाढ़ राहत राशि घोटाला उजागर हुआ तो घपलेबाजी की पर्त दर पर्त उघड़ने लगी। जांच के दौरान एक और मामला सामने आया है जिसमें एक बाढ़ पीड़ित का राहत चेक दलालों के माध्यम से फर्जी खाता खुलवाकर उसका भुगतान कराया गया है। उधर, जालसाजों के खिलाफ भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट की विवेचना दरोगा वीर सिंह को सौंपी गई है।
बजरंगगढ़ निवासी झब्बू का खेत लालपुर ग्राम पंचायत में था। वर्ष 2013-14 में आई बाढ़ के बाद लेखपाल ने सर्वे कर उसके नाम से करीब छह हजार रुपये का चेक बनाया था। इस चेक को मंझिलीपुरवा निवासी एक व्यक्ति ने फर्जी तरीके से स्टेट बैंक में खाता खुलवाकर उसका भुगतान ले लिया। घोटाले की जांच पूरी न होने से ग्रामीणों में रोष है।
व्यापार मंडल और युवा एकता मंच के पदाधिकारियों ने कहा है कि यदि दोषी लेखपालों को सजा न मिली तो उनके हौसले और बढ़ जाएंगे। उन्होंने नेशनल बैंकों में इस तरह के फर्जीवाड़े पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ऐसे तो लोगों का बैंकों से विश्वास ही उठ जाएगा। भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक ने बीते बुधवार को जालसाजों के खिलाफ सरकारी धन का गमन और धोखधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की विवेचना एसओ आरके यादव ने दरोगा वीर सिंह को सौंपी है। दरोगा के छुट्टी पर चले जाने के कारण न विवेचना शुरू हुई है और न ही आरोपियों के घर दबिश दी गई है।
बैंक की यह भी लापरवाही हुई उजागर
भारतीय स्टेट बैंक में खाता खुलने के बाद भेजे जाने वाले धन्यवाद पत्र को देखने और उसमें पड़े कोड को देखने के बाद ही बैंक खाते से भुगतान करने का प्रावधान है, लेकिन बिना धन्यवाद पत्र देखे ही भुगतान देना बैंक की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहा है।
शाखा प्रबंधक की मुख्यमंत्री से शिकायत
फर्जी खाते में खातेदार की शिनाख्त करने के आरोप में जिस जितेंद्र के खिलाफ भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक ने रिपोर्ट दर्ज कराई है, उसने बैंक मैनेजर पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी गर्दन बचाने के लिए उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। खाता शिनाख्त करने वाले व्यक्ति के हस्ताक्षर, फोटो और खाता नंबर मिलान न करने से कर्मचारियों की लापरवाही और मिलीभगत साफ झलक रही है। उसने भारतीय स्टेट बैंक के हेड आफिस और मुख्यमंत्री से शाखा प्रबंधक की शिकायत की है।
एसओ आरके यादव ने बताया कि विवेचनाधिकारी के अवकाश पर जाने के कारण विवेचना में देरी हो रही है। उनके आने के बाद मामले की जांच कर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।