फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यहां भी भ्रष्टाचार की जड़ें: प्रभारी मंडी सचिव रिश्वत लेते गिरफ्तार, शिकायतकर्ता बोला- हर महीने आता था फोन

Sun, 28 Aug 2022 07:17 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)

सार

शिकायतकर्ता सफाई ठेकेदार मनोज कुमार वाल्मीकि ने बताया कि करीब एक साल से मंडी सचिव उससे हर महीने 15 हजार रुपये की रिश्वत ले रहा था। हर महीने उसको फोन कर रिश्वत देने के लिए प्रताड़ित किया जाता था।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पलिया मंडी समिति के प्रभारी मंडी सचिव अंबरीश सैनी को लखनऊ से आई एंटी करप्शन टीम ने दस हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है। सफाई ठेकेदार द्वारा की गई शिकायत के बाद सुबह 11 बजे प्रभारी मंडी सचिव की गिरफ्तारी के बाद टीम उसको पकड़कर थाने लाई। यहां करीब पांच बजे तक की गई लंबी पूछताछ के बाद उसे पलिया पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। सोमवार को लखनऊ के एंटी करप्शन न्यायालय में उसको पेश किया जाएगा।

विज्ञापन

मोहम्मदी निवासी सफाई ठेकेदार मनोज कुमार वाल्मीकि ने एंटी करप्शन टीम लखनऊ से पलिया मंडी समिति के प्रभारी मंडी सचिव अंबरीश सैनी के खिलाफ हर महीने रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। जिसके बाद एंटी करप्शन टीम के प्रभारी इंचार्ज मृत्युंजय मिश्रा, इंस्पेक्टर नूरूद्दीन, संजय कुमार समेत अन्य टीम ने शिकायतकर्ता मनोज कुमार वाल्मीकि के साथ ऑपरेशन शुरू किया।

रिश्वत के दस हजार रुपये देने के बाद तुरंत टीम के लोग उसके आवास पर पहुंच गए और रुपयों के साथ गिरफ्तार कर लिया। टीम के इंचार्ज मृत्युंजय मिश्रा ने बताया कि शिकायत के बाद डीआईजी ने टीम गठित कर अंबरीश पर लगाए जाने वाले आरोपों की गोपनीयता से छानबीन कराई। जांच करने वाले एसीबी इंस्पेक्टर ने रिश्वत की बात को सही बताते हुए आख्या पेश की। आख्या पेश करने के बाद रविवार को टीम ने अंबरीश के आवास से ऑपरेशन को अंजाम देते हुए प्रभारी मंडी सचिव/मंडी इंस्पेक्टर अंबरीश सैनी को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर पलिया पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। सोमवार को उसको लखनऊ में विभाग के न्यायालय में पेश किया जाएगा।

बोला शिकायतकर्ता- एक साल से रिश्वत देकर हो गया था परेशान
शिकायतकर्ता सफाई ठेकेदार मनोज कुमार वाल्मीकि ने बताया कि करीब एक साल से मंडी सचिव उससे हर महीने 15 हजार रुपये की रिश्वत ले रहा था। हर महीने उसको फोन कर रिश्वत देने के लिए प्रताड़ित किया जाता था। करीब दो महीने पूर्व वह जब काफी परेशान हो गया तब उसने कहीं से एंटी करप्शन विभाग का नंबर प्राप्त किया और लखनऊ जाकर अधिकारियों से मुलाकात के बाद रविवार को उसको गिरफ्तार कराया है। वह विभाग की कार्रवाई से पूरी तरह से संतुष्ट हैं।
विज्ञापन

कार्रवाई के दौरान मंडी में लगी रही भीड़
कार्रवाई के दौरान मंडी में उक्त सचिव के आवास पर काफी भीड़भाड़ लग गई। आसपास के लोग भी एंटी करप्शन टीम के पहुंचने से वहां जुटना शुरू हो गए। जिसके बाद एंटी करप्शन टीम ने पलिया पुलिस को मौके पर बुलाया और फिर आरोपी को लेकर थाने पहुंची।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें