थाना फरधान निवासी वीरेन्द्र विक्रम सिंह ने अपनी पुत्री शालिनी का विवाह अभिषेक सिंह पुत्र दिनेश कुमार सिंह निवासी एसआर घाट मिटहिया ग्राम घुनौली ठकुरन बाराबंकी से तय किया था। दो मई को बरात आनी थी। वधू पक्ष के लोगों ने बारात के स्वागत और खानपान की पूरी व्यवस्था कर रखी थी।
घर से लेकर पैलेस तक लोगों में खुशियां देखी जा रही थी। रात करीब नौ बजे अचानक एक महिला ने विवाह स्थल पर पहुंचकर वधू पक्ष के लोगों से मुलाकात की जिसके बाद मामला खुल सका। बताते हैं कि अभिषेक सिंह ने साल 2015 में लखनऊ निवासी राजकुमार की पुत्री मोनिका सिंह से विवाह कर चुका है।
अभिषेक के शादीशुदा होने की जानकारी मिलने के बाद लड़की पक्ष के लोगों में भारी गुस्सा देखा गया। मोनिका के हंगामे की खबर मिलने के बाद मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों को कोतवाली ले आई। शालिनी के पिता ने बताया कि बेटी की शादी के लिए लड़के वालों को 10 लाख रुपये नगद, एक लाख के कपड़े, एक लाख 32 हजार रुपयों से तिलक और बरीक्षा के अलावा एक हीरे की अंगूठी दी थी।
आरोप है कि लड़के वालों ने पहले हुई शादी के बारे में किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी थी। देर रात तक कोतवाली में चले हंगामे के बाद दहेज में दिए गए रुपयों सहित अन्य सामान वापस करने पर सहमति बनी जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
अदालत में चल रहा है दोनों का मामला
दूसरी शादी होने की जानकारी मिलने के बाद लखनऊ से आई मोनिका ने बताया कि साल 2015 उसने अभिषेक के साथ विवाह किया था। दोनों की यह लव मैरिज थी। कुछ ही सालों के बाद दोनों में अनबन शुरू हो गई जिसके बाद से वह अभिषेक से दूर रह रही थी। साथ ही दोनों का एक वाद न्यायालय में भी विचाराधीन चल रहा है। अदालत से फैसला न होने के चलते अभिषेक दूसरी शादी रचाने की फिराक में था। विवाह हो पाता इससे पहले ही पत्नी को इत्तला हो गई।
दोबारा शादी करने की जानकारी मिलने के बाद दोनों पक्षों को कोतवाली बुलाया गया था। दोनों पक्षों के बीच दहेज में लिए गए सामान और नगदी वापस करने की बात पर सहमति बन गयी थी। इसी के चलते कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। -चन्द्रशेखर सिंह, शहर कोतवाल