ओयल। जनपद में बुखार का कहर जारी है। ओयल में स्थित जिला अस्पताल में पुरुष और महिला वार्ड फुल हैं। मंगलवार को 1305 नए मरीज दवा लेने पहुंचे। इसमें 60 फीसदी बुखार से पीड़ित थे। जिला अस्पताल में सबसे ज्यादा पड़ोसी जिला सीतापुर के मरीज दवा लेने पहुंच रहे हैं। सोमवार रात 12 से मंगलवार शाम तीन बजे तक 15 घंटे की इमरजेंसी में 82 मरीज पहुंचे, जिसमें 70 फीसदी बुखार से पीड़ित थे।
जिला अस्पताल में सुबह से मरीजों की लाइन लग जाती है। भीड़ अधिक होने के चलते मरीजों को दवा पाने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ता है। पहले वह पर्चा बनवाने के लिए लाइन में लगते हैं, फिर डॉक्टर को दिखाने के लिए घंटों इंतजार करते हैं। इसके बाद खून या अन्य जांच कराने के बाद ही कई मरीजों को दवा मिल पाती है।
मंगलवार को जिला अस्पताल का हाल देखें तो 32 बेड का पुरुष वार्ड दोपहर दो बजे तक फुल था। इसमें 22 बुखार और एक मलेरिया का मरीज भर्ती था। वहीं 32 वार्ड का महिला वार्ड भी दोपहर दो बजे तक फुल रहा। यहां पांच मलेरिया सहित 14 बुखार के मरीज भर्ती थे। इसी तरह बच्चा वार्ड में 24 बच्चे भर्ती मिले। इसमें 15 बुखार और दो बच्चे पीकू वार्ड में भर्ती हैं। बुजुर्ग वार्ड 15 मरीज में आठ को बुखार और एक मलेरिया से पीड़ित है। अर्थों और त्वचा में 22 मरीज भर्ती हैं।
भावदा ग्रंट गांव में कई लोग अब भी बुखार की चपेट में
भीखमपुर। भावदा ग्रंट में चार दिन पहले बुखार भाई-बहन की मौत के बाद गांव में लोग सहमे हैं। सरकारी स्कूल के बच्चों से लेकर शिक्षक भी घबराए हैं। गांव में अभी भी कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं।
छोटी-बड़ी दोनों भावदा गांव में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। बुखार से दो बच्चों को खोने के बाद प्रमोद अपनी बेटी मीनाक्षी सहित पूरे परिवार का इलाज जिला अस्पताल में करा रहे हैं। गांव निवासी विकास के परिवार का भी इलाज जारी है। रमेश, अनुज आदि अस्पतालों में भर्ती हैं। थारंटन स्मिथ भावदा के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक अजय कुमार ने बताया कि वायरल फीवर से बच्चों को जल्दी चपेट में ले रहा है। हालांकि मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं आई। सीएचसी प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि अन्य गांवों में कैंप कर मरीजों की जांच करके दवाएं दी जा रही हैं। संवाद
114 मरीजों की जांच में सात मलेरिया के मरीज मिले
मितौली। क्षेत्र में भी बुखार का प्रकोप बढ़ा है। मंगलवार को क्षेत्र के शिवपुरी, दतेली व रेवाना गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाया गया। तीन गांवों के कैंपों में 252 मरीजों को देखा गया। 114 मरीजों की जांच में सात मलेरिया पॉजिटिव मिले।
शिवपुरी गांव में 60 मरीजों में 17 लोगों की जांच में एक में मलेरिया का मरीज मिला। दतेली गांव में 120 मरीजों को दवा दी गई। 55 लोगों की जांच की गईं, जिसमें चार मरीज मलेरिया के मिले। रेवाना में 72 मरीजों को दवा दी गई। इसमें 42 लोगों की जांच की गई, दो में मलेरिया मिला। इधर, विकास विभाग की ओर से आधा दर्ज ग्राम पंचायतों में साफसफाई कराई गई। बीडीओ अमित सिंह परिहार ने बताया कि कल्लुआमोती, रेवाना, बबौना सहित आधा दर्जन गांवों में नालियों की सफाई कराई गई। गांवों में एंटी लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग भी कराई गई। संवाद
हरी नगर बाजार में कैंप लगाकर की गई मलेरिया की जांच
अमीरनगर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुंभी की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को हरीनगर बाजार में शिविर लगाकर 67 मरीजों को डॉ. मोहम्मद शादाब ने देखा। कैंप में 40 लोगों की मलेरिया की जांच की गई, जिसमें एक पुष्टि हुई। कैंप में प्रह्लाद कुमार, गिरीश कुमार, इमरान, रामू आदि मौजूद रहे। संवाद
मिनी सचिवालय में लगा कैंप
अलीगंज। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित सिंह के निर्देश पर मंगलवार को अलीगंज के मिनी सचिवालय में स्वास्थ्य कैंप लगा। यहां 46 मरीजों को देखा गया, जिसमें 20 की टाइफाइड, मलेरिया आदि की जांच की गई। सभी जांच नेगेटिव आईं। कैंप में डॉ. मनोज बरनवाल, उर्मिला मिश्रा, आशा, माया गुप्ता, उर्मिला गिरि, ऊषा देवी, राजकुमारी, रीता देवी, प्रधान मोहम्मद आरिफ उर्फ शेखू, कंचन मिश्रा आदि मौजूद रहीं। संवाद
नेपाली सीमा के कस्बा में हुआ दवा का छिड़काव
तिकुनियां। सुथना बरसोला पंचायत में बीमारियों से बचाव के लिए दवा का छिड़काव कराया गया। बीडीओ जयेश कुमार सिंह ने बताया कि तिकुनिया कस्बा मुहाना नदी से आने वाली बाढ़ से प्रभावित रहता है, जिसके चलते जानलेवा मच्छरों के प्रकोप का खतरा है। दवा छिड़काव के दौरान एडीओ पंचायत विजय गुप्ता, प्रधान शफीक अहमद, जितेंद्र जायसवाल, सचिव राजेश कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद
डेंगू के उपचार में उपयोगी फलों की कीमतों में वृद्धि
- कीवी, पपीता और नारियल पानी की कीमतें बढ़ीं, मरीज बेहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। वायरल बुखार, मलेरिया और डेंगू का प्रकोप बढ़ने के साथ ही इनके उपचार में प्रयोग किए जाने वाले फलों की मांग भी बढ़ने लगी है। मांग बढ़ने से फलों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। कीवी और नारियल पानी महंगे हो गए हैं।
जिले में पिछले 15 दिन से वायरल बुखार, मलेरिया और डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ी है। डेंगू पीड़ितों की प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए कीवी, पपीता, नारियल पानी, ड्रैगन फ्रूट आदि खाने की सलाह दे रहे हैं। फलों की मांग बढ़ने के साथ ही कीमतों में भी भारी उछाल आया है। हालात यह हैं कि 100 रुपये में पांच कीवी मिलती थीं, अब 40 रुपये प्रति पीस यानी 120 रुपये की तीन कीवी मिल रहीं हैं। पपीता 50 रुपये किलो बिक रहा है। वहीं 50 रुपये में बिकने वाला नारियल पानी अब 70 रुपये मेें बिक रहा है।
पपीते के पत्ते और बकरी के दूध की बढ़ी मांग
फलों के अलावा पपीते के पत्तों और बकरी के दूध की भी मांग बढ़ी है। लोग पपीते के पत्तों का जूस पी रहे हैं, यह प्लेटलेट्स बढ़ाने में सहायक है। बकरी के दूध की कीमत निर्धारित नहीं है। कोई 100 रुपये में 250 ग्राम ले रहा है तो कोई 50 रुपये में 100 ग्राम खरीदकर काम चला रहा है।
बाजार में बिक रही कीवी। संवाद
बाजार में बिक रही कीवी। संवाद
बाजार में बिक रही कीवी। संवाद