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Lakhimpur Kheri News: 19वीं सदी के आखिरी दशक में रेल नेटवर्क से जुड़ा था मैलानी जंक्शन

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लखनऊ मंडल की पहली मीटरगेज ट्रेनस्रोत-रेलवे
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मैलानी। ब्रिटिशकाल में 19वीं सदी के आखिरी दशक में 139 साल पहले जनपद खीरी का मैलानी जंक्शन रेल नेटवर्क से जुड़ा था। लखनऊ-मैलानी खंड के मीटरगेज ट्रैक पर भाप इंजन से शुरू हुई रेलगाड़ी ने आज पहले से कहीं तरक्की कर ली है।
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छुक-छुक गाड़ी से शुरू सफर डीजल इंजन से बड़ी लाइन ही नहीं, बल्कि बिजली चालित रेल तक पहुंच गया है। मौजूदा पीढ़ी इनकी साक्षी है। अब बहराइच-लखीमपुर, मिहीपुरवा-लखीमुपर, गोला-शाहजहांपुर नए रेलमार्ग की मांग भी उठी है ।
रेलवे रिकॉर्ड के मुताबिक 19वीं सदी के आखिरी दशक में खीरी के मैलानी जंक्शन रेलवे स्टेशन को ब्रिटिश कालीन भारत में रेलवे नेटवर्क विस्तार शृंखला के तहत मीटरगेज लाइन पर स्थापित किया गया था। यह लखीमपुर, लखनऊ, सीतापुर, पीलीभीत जैसे महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ता था। उस समय छोटा कस्बा मैलानी रेलवे के आगमन से धीरे-धीरे महत्वपूर्ण केंद्र में बदलकर लखीमपुर और आसपास के इलाकों के लिए परिवहन का प्रमुख साधन बन गया। रेलवे के आधुनिकीकरण के तहत मैलानी-लखनऊ रेलखंड को बड़ी लाइन में परिवर्तित करने के साथ ही इसका विद्युतीकरण भी किया गया।
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16 अप्रैल को मनाया जाता है रेल परिवहन दिवस ः देश की पहली रेल मुंबई से ठाणे के बीच 16 अप्रैल 1853 को चली थी। इसी दिन रेल परिवहन दिवस मनाया जाता है। लखनऊ-मैलानी रेलखंड पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर जोन के लखनऊ मंडल में आता है। लखनऊ मंडल की पहली मीटरगेज ट्रेन लखनऊ-सीतापुर के बीच 15 नवंबर 1886 को चली थी। सीतापुर-लखीमपुर के बीच 15 अप्रैल 1887, लखीमपुर-गोला गोकर्णनाथ के बीच 19 दिसंबर 1887 और गोला गोकर्णनाथ और पीलीभीत के बीच एक अप्रैल 1891 को ट्रेनें चलना शुरू हुई थीं। 139 साल के इतिहास में लखनऊ-पीलीभीत-बरेली रेलखंड की भी प्रगति हुई।
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