लखीमपुर खीरी। विकास भवन सभागार में बृहस्पतिवार को सीडीओ अभिषेक कुमार ने ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की ओर से तैयार उत्पादों की गुणवत्ता की जांच की। जिसमें विभिन्न प्रकार के मसाले, किराना सामान, खाद्य उत्पाद एवं सजावटी सामान आदि को देखा।
सीडीओ ने केले के फाइबर से बने मैट, डलिया आदि उत्पाद, खाद्य उत्पादों में मिलेट्स के बने बिस्कुट, मसाले की पैकेजिंग, मिलेट्स से बने बिस्किट तथा अन्य खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता की पुष्टि की। सीडीओ ने उत्पादों की बिक्री को बढ़ाने के लिए सुझाव दिए। कहा कि सबसे पहले उत्पाद के ब्रांड नाम को बड़े नाम के स्थान पर संक्षिप्त तथा लोगो आकर्षक बनाएं।
उत्पाद की पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दिया दें। मसाला, आटा, बेसन आदि को छोटी मात्राओं में पैंकिंग कर बाजार में बिक्री की जाए। डीसी एनआरएलएम निर्देश दिए कि प्रत्येक समूह के उत्पादों के अनुसार उन्हें वर्गीकृत करें। जिससे वह अपने उत्पाद को और बेहतर कर सकें।
कई उत्पाद बनाने से बेहतर है एक उत्पाद को ही बेहतर बनाएं। उत्पादों की बिक्री में बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर द्वारा एवं ई-कॉमर्स साइटों के माध्यम से अपने उत्पादों द्वारा प्रचार-प्रसार कराएं।