मुख्य सचिव आलोक रंजन को किशनपुर सेंक्च्युरी खूब भायी। उन्होंने यहां अपने परिवार के साथ दुर्लभ जीव-जंतुआें के साथ अलौकिक वातावरण का दीदार किया। इसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में विकास कार्यों पर चर्चा की। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दुधवा नेशनल पार्क और बहराइच के कतर्निया घाट तक कॉरीडोर बनाने के अलावा सड़क निर्माण के प्रस्ताव बनवाकर भेजने के निर्देश डीएम गौरव दयाल को दिए। वह दुधवा नहीं गए और वाहन से पलिया की हवाई पट्टी पहुंचकर प्लेन से लखनऊ रवाना हो गए। उनकी रवानगी के समय डीएम समेत तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।
पीलीभीत से मुख्य सचिव सड़क मार्ग से दिन में 11.30 बजे किशनपुर सेंक्च्युरी पहुंचे। यहां उनकी आगवानी में डीएम गौरव दयाल, सीडीओ नितीश कुमार, दुधवा डीडी वीके सिंह, एसपी अरविंद सेन के अलावा एसडीएम एसपी सिंह, नायब तहसीलदार राजू कुमार समेत जिले के तमाम अधिकारी मौजूद थे। डिप्टी डायरेक्टर वीके सिंह के मुताबिक मुख्य सचिव ने किशनपुर सेंक्च्युरी में दुर्लभ प्रजाति के तमाम जीव-जंतु देखे। उन्होंने झादी ताल का भी भ्रमण किया और यहां के अलौकिक वातावरण की प्रशंसा की। मुख्य सचिव किशनपुर सेंक्च्युरी में करीब तीन घंटे तक रहे। इसके बाद किशनपुर गेस्ट हाउस में उन्हाेंने विकास कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद वह करीब 3.35 बजे पलिया की मुजहा हवाई पट्टी पहुंचे। यहां उन्हें गार्ड आफ ऑनर दिया गया। इसके बाद वह अपने परिवार समेत दिन में करीब 3.43 बजे चार्टर प्लेन से लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
नहीं देख पाए बाघ, दिखे सिर्फ पगमार्क
मुख्य सचिव और उनके परिवार के सदस्य बाघ नहीं देख सके। डीडी के मुताबिक मुख्य सचिव को कई दुर्लभ पक्षियों, जीव जंतुओं के दीदार हुए लेकिन बाघ को वह नहीं देख सके। हालांकि उनको बाघ के पगमार्क जरूर दिखाई दिए।
उलझी रही पुलिस
पहले मुख्य सचिव के सुबह करीब नौ बजे किशनपुर आने और दोपहर में करीब एक बजे दुधवा जाने का कार्यक्रम बताया जा रहा था। इसके बाद हवाई पट्टी से उनकी उड़ान दोपहर 3.30 बजे कही जा रही थी, जिससे पुलिस उलझी रही। बाद में उनके हवाई पट्टी पहुंच जाने और वहां से प्लेन से रवाना होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
इन विकास कार्यों के मांगे प्रस्ताव
- किशनपुर सेंक्च्युरी से दुधवा तक जंगल में कॉरीडोर
- दुधवा से कतर्निया घाट तक जंगल में कॉरीडोर
- इसके अलावा अन्य चिह्नित स्थानों पर जंगल में कॉरीडोर।
- ढखेरवा से निघासन तक सड़क का निर्माण