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Lakhimpur Kheri News: कुकरगढ़ा के आसपास किसी बाघ की नहीं मिली लोकेशन

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बांकेगंज। किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज में कुकरगढ़ा के तालाब में बाघ का शव मिलने के बाद वन विभाग लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहा है।
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किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज में नौ जून को कुकरगढ़ा तालाब में एक बाघ का शव मिला था। इसकी मौत आपसी संघर्ष में होना बताई गई थी। इसके बाद पार्क प्रशासन ने दूसरे बाघ के भी घायल होने की आशंका जताकर निगरानी बढ़ा दी। साथ ही 20 कैमरे भी लगवाए। दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी ललित वर्मा ने बताया कि कुकरगढ़ा के आसपास लगे किसी भी कैमरे में बाघ की तस्वीर कैद नहीं हुई है।
हालांकि, उत्तर निघासन रेंज के लट्ठौआ में निगरानी के दौरान एक बाघ आंशिक रूप से घायल मिला है। अगर जरूरत हुई तो बहोश कर उसका इलाज किया जाएगा। फिलहाल बाघ सामान्य तौर पर चहलकदमी करता दिखाई पड़ रहा है। बावजूद इसके बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए रखने के लिए रेंजर और फील्ड कर्मियों के निर्देश दिए गए हैं।
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बुधवार को भी डटी रही जांच टीम
मैलानी रेंज और किशनपुर सेंक्चुरी में 10 दिन में तीन बाघों की मौत मामले में गठित तीन सदस्यीय जांच टीम मंगलवार को पहुंची। टीम में शामिल रिटायर्ड आईएफएस अफसर संजय सिंह, आरके सिंह और गोरखपुर चिड़ियाघर के डॉक्टर योगेश ने मैलानी रेंज के रामपुर ढ़कैया, ग्रंट नंबर तीन बीट और किशनपुर सेंक्चुरी के कुकरगढ़ा घटनास्थलों पर उन-उन जगहों का बारीकी से निरीक्षण किया, जहां-जहां बाघों की मौत हुई थी। टीम खासकर भोजन, पानी और निगरानी पर फोकस कर रही है। क्योंकि मारे गए बाघों का जब पोस्टमार्टम हुआ तो उनके पेट खाली पाए गए थे। निगरानी में चूक की बात तो पहले ही उजागर हो चुकी है।
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