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पाठशाला तक सीमित रह गया यातायात माह

Sun, 08 Nov 2015 07:26 PM IST
लखीमपुर खीरी
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पहली से 30 नवंबर तक यातायात माह मनाया जा रहा है। पुलिस महकमे ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने से लेकर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने तक की कार्ययोजना तो बनाई है, किंतु यातायात पुलिस इसमें महज खानापूरी कर रही है। नतीजतन जिले के स्कूलों में नन्हे-मुन्ने बच्चों की पाठशाला लगाकर उन्हें यातायात के नियम समझाने के अलावा ट्रैफिक पुलिस कुछ नहीं कर पा रही है। यातायात माह की सफलता की हकीकत जानने के लिए अमर उजाला टीम सड़क पर निकली तो ट्रैफिक पुलिस के सभी दावे हवा हवाई नजर आए। प्रस्तुत है विकास शुक्ला की रिपोर्ट:
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उध्ार एसपी ट्रैफिक अखिलेश चौरसिया नियमों की जागरूकता के लिए नवंबर महीने को यातायात माह के रूप में मनाया जाता है। इसके लिए जिले में हर दिन विभिन्न आयोजन करने की प्लानिंग की गई है, जिसका पालन करना ट्रैफिक पुलिस के जिम्मेदारों की है। वह खुद इसकी चेकिंग करेंगे और यदि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
सीन-एक
नो इंट्री में दौड़ रहे वाहन
लखीमपुर शहर की संकटा देवी पुलिस चौकी से सदर चौराहा की ओर आने वाले मार्ग पर गुड़ मंडी, खपरैल बाजार, चूना मार्केट, सर्राफा मार्केट, गल्ला मंडी, सब्जी मंडी होने के कारण सबसे व्यस्ततम सड़क है। यहां दिनभर नो इंट्री है, लेकिन दिनभर यहां ओवरलोड बड़े वाहनों का आवागमन रहता है। यह ट्रक भी ट्रैफिक और चौकी पुलिस की कार्यप्रणाली की हकीकत को बयां कर रहा है।
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सीन-दो
दौड़ रही हैं बिना नंबर की बसें
गोला गोकर्णनाथ में सिकंद्राबाद रोड पर बिना नंबर की बसें सड़क पर सवारियां भरकर सरपट दौड़ती हैं। जानकार बताते हैं कि बसों की प्रतिवर्ष फिटनेस होती है। फिटनेस के समय वाहन को एआरटीओ कार्यालय ले जाया जाता है, जहां पर संबंधित अधिकारी वाहन का बारीकी से निरीक्षण कर फिटनेस सर्टिफिकेट एक वर्ष के लिए जारी करते हैं। इन बसों को देखकर लगता है कि फिटनेस के समय विभागीय अधिकारियों से साठगांठ कर कागजों की खानापूर्ति कर ली जाती है।
सीन-तीन
जान जोखिम में डालकर यात्रा को विवश
लखीमपुर-गोला गोकर्णनाथ मार्ग पर सवारियां भरकर जाने वाले डग्गामार वाहनों के चालक क्षमता से अधिक सवारियों को ठूंसकर वाहन के अंदर भर लेते हैं। अधिक कमाई के लालच में इनके चालक सवारियों को मैजिक के पीछे खड़े कर लेते हैं। तेज गति से दौड़ने वाले वाहनों के पीछे लटकी सवारियां यातायात माह में सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा के पालन की हकीकत बयां कर रही है।
सीन तीन-
दुर्घटना को दावत दे रहे वाहन
गोला गोकर्णनाथ में ओवरलोड और ओवरहाइट वाहनों का सड़क पर सरपट दौड़ना आम बात हो गई है। इन पर अंकुश लगाने पर शासन प्रशासन पूरी तरह फेल हो चुका है। बताते हैं कि कृषि कार्य हेतु ट्रैक्टर ट्रॉली से किराये का काम लिया जाता है। निजी प्रयोग हेतु वाहन में धान मिल से बांस-बल्ली लगाकर कई फिट ऊंचाई तक भूसी भरी जाती है। यह वाहन भी पुलिस व्यवस्था की हकीकत को बयां कर रहा था।
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पिछले साल फिसड्डी रहा जिला
यातायात माह में नियम विरुद्घ ढंग से वाहन चलाने वालों और यातायात में अवरुद्ध बनने वालों पर कार्रवाई में जिला वर्ष 2014 में मंडल स्तर पर फिसड्डी रहा है। खीरी जिले ने अन्य जिलों की तुलना में काफी कम चालान काटे और समन शुल्क वसूला था।
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ट्रैफिक पुलिस को मिला दफ्तर
ट्रैफिक पुलिस को सुविधाएं देने को एसपी अखिलेश चौरसिया गंभीर हैं। अभी तक ट्रैफिक का दफ्तर यहां नहीं था। यातायात माह शुरू होते ही एसपी ने पुलिस लाइंस में दफ्तर का उद्घाटन किया। इससे यातयात पुलिस को अपना कार्यालय भी मिल गया।
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