बुधवार रात को निरीक्षण के दौरान सीडीओ को बंद मिलीं हाईवे पर स्ट्रीट लाइटें। स्रोत : विभाग
लखीमपुर खीरी। हाईवे और प्रमुख सड़कों पर लगीं स्ट्रीट लाइटों के बंद रहने से रात के समय हादसों का खतरा बढ़ गया है। विभागीय लापरवाही के चलते कई स्थानों पर सड़कें अंधेरे में डूबी हैं, जिससे राहगीरों की जान जोखिम में पड़ रही है।
जन सुरक्षा को लेकर सीडीओ अभिषेक कुमार ने बुधवार देर रात राजापुर-छाउछ आरओबी से लालपुर तक सड़क मार्ग का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकांश स्ट्रीट लाइटें बंद पाई गईं, जिससे हाईवे पर अंधेरा छाया रहा। इस पर सीडीओ ने एनएचएआई के अधिशासी अभियंता शुभ नारायण को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल सभी लाइटें चालू कराने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने कहा कि कोहरे और अंधेरे में सड़कें लोगों के लिए खतरा बन रही हैं। राजापुर चौराहे से नहर पटरी तक फोरलेन मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी को आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए। सीडीओ ने स्पष्ट किया कि जन सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अंधेरे से हादसे की आशंका
बृहस्पतिवार तड़के गोला-लखीमपुर हाईवे की चंडाली पुलिया के पास हुए सड़क हादसे में कार सवार तीन लोगों की मौत हो गई। घने कोहरे और अंधेरे को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। यदि वहां स्ट्रीट लाइटें चालू होतीं तो हादसे की आशंका कम हो सकती थी।
पहले भी उठ चुका है मुद्दा
मैगलगंज कस्बे से गुजर रहे नेशनल हाईवे पर करीब एक माह पहले स्ट्रीट लाइटें खराब थीं। इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद अधिकारियों ने लाइटें ठीक कराई थीं।
तीन दिन में फोटो सहित दें रिपोर्ट
सीडीओ अभिषेक कुमार ने गोला-फरधान ओवरब्रिज निर्माण में लापरवाही पर सख्ती दिखाई है। अधिशासी अभियंता शुभ नारायण को पत्र जारी करते निर्देश दिए कि कई वर्षों से अधूरा ओवरब्रिज गुणवत्ताविहीन और मानक विरुद्ध निर्माण की वजह से राहगीरों के लिए खतरा बन सकता है। सीडीओ ने कहा कि ओवरब्रिज की संरचना और सतह इतनी खराब स्थिति में है कि कभी भी दुर्घटना हो सकती है। कहा कि अभियंता स्वयं स्थल पर जाकर जांच करें। तीन दिन के भीतर फोटोग्राफ सहित स्पष्ट रिपोर्ट दें। अब किसी भी निर्माण एजेंसी की तरफ से जनता की सुरक्षा और गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।