लखीमपुर खीरी। डग्गामार खटारा वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियों भरी होने से हादसे की आशंका है, लेकिन पुलिस और परिवहन विभाग बेपरवाह बने हुए हैं। ज्यादा कमाई के चक्कर में डग्गामार लोगों की जिंदगी खतरे में डाल रहे हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी मैजिक चालक खड़ी करते हैं। सात सीट वाली मैजिक में 14 से 15 सवारियां बिठाते हैं। कभी-कभी सवारियां ज्यादा होने पर चालक खुद की सीट पर भी सवारी बिठा लेता और खुद आधा लटककर वाहन चलाता है। लखीमपुर-गोला, गोला-मोहम्मदी, लखीमपुर से फूलबेहड़, धौरहरा, नकहा, रमियाबेहड़, निघासन आदि मार्ग पर धड़ल्ले से डग्गामार वाहन दौड़ाए जा रहे हैं। अधिकांश सवारी वाहनों में यह नजारा देखने को मिल जाएगा।
ई-रिक्शा में भी क्षमता से अधिक सवारी बिठाई जाती हैं। चालक ई-रिक्शा में छह की जगह 10-10 सवारियां बैठाते हैं। शहर में ही नहीं, बल्कि हाइवे पर भी ई-रिक्शा दौड़ाए जाते हैं, लेकिन जिम्मेदार इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते हैं। क्षमता से अधिक सवारियों की वजह से कभी-कभी ई-रिक्शा पलट भी जाते हैं।
इतना ही नहीं, जिले में कई ऐसे निजी स्कूल संचालित हैं, जहां के वाहन बच्चों को लाने-ले जाने का काम करते हैं। अधिकांश वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चे बैठते हैं, जो एक बड़ी लापरवाही है। जबकि बच्चों के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश है, लेकिन फिर भी उनकी सख्ती का असर नहीं दिख रहा है।
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क्षमता से अधिक सवारियां बिठाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाती है। रोजाना दो से तीन वाहन सीज किए जाते हैं। शनिवार को तीन वाहन सीज किए थे। विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई जारी है।
डॉ. कौशलेंद्र, प्रवर्तन अधिकारी