लखीमपुर खीरी। ग्रामीणों पर अंधाधुंध फायरिंग करते हुए दो लोगों को मौत के घाट उतारने और कई लोगों को घायल करने के मामले में जिला जज सैयद माउज बिन आसिम ने पिता-पुत्रों सहित छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 80-80 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने बताया कि सिंगाही थाना क्षेत्र के ग्राम घोसियाना में 02 नवंबर 2007 को सुबह 7:30 बजे गांव के ही शहजादा, बरकत, राशिद, खलील, हफ़िजन, अंसार और मीना घर के बाहर आग ताप रहे थे। सफेद रंग की क्वालिस कार पर सवार होकर कई बदमाशों ने धावा बोल दिया।
पुरानी रंजिश के चलते मखदूम, शरीफ, हबीब, चुन्ना, कल्लू और कई बदमाश राइफल, बंदूक, तमंचा और तलवारे लिए हुए थे। इन लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरू कर दी। इससे शहजाद और बरकत की मौके पर मौत हो गई थी, तो रसीद, खलील, हफ़िज़न, अंसार और मीना बुरी तरह घायल हो गए थे।
दोहरे हत्याकांड में 11 आरोपियों के खिलाफ दर्ज की गई। पुलिस की जांच के दौरान कल्लू, शब्बीर, बब्बू चुनना और मखदूम के पास से तमंचे और बंदूकें बरामद हुई थीं। शनिवार को जिला जज ने शब्बीर और बब्बू के साथ ही उनके पिता मखदूम, चुन्ना और उसके सगे भाई कल्लू के साथ ही हनीफ को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
दूम और उसके बेटे शब्बीर तथा चनाफ, उसके भाई शरीफ और उसके पिता हबीब तथा मोहम्मद शफी और मुमताज की मौत हो चुकी है, जबकि हुजूरपुर जिला बहराइच निवासी रऊफ अदालत से फरार चल रहा है। इसलिए अदालत ने उसकी फाइल अलग कर दिया है। नाजायज असलहा रखने पर पांच लोगों पर अलग से एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।