लखीमपुर खीरी। दुष्कर्म में नाकाम होने पर विवाहिता पर मिट्टी का तेल डालकर जलाने के 13 साल पुराने मामले में एडीजे मनोज सिंह ने दोषी महेंद्र को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वसूले गए जुर्माने की आधी राशि पीड़िता के पति को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 17 मार्च 2013 को फरधान थाना क्षेत्र के नयागांव मजरा कैमहरा निवासी महेंद्र क्षेत्र के ही एक गरीब परिवार के घर जा धमका। वहां एक विवाहिता से उसके बच्चों के सामने ही मनमानी करने लगा। विरोध करने पर छोटे बच्चे को उठाकर पटक दिया। इसके बाद विवाहिता पर वहीं रखा मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी और धमकी देते हुए भाग गया। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे लोगों ने विवाहिता को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां तीसरे दिन उसकी मौत हो गई।
इसके बावजूद फरधान पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की। आरोप है कि राजनीतिक दखल के चलते ग्रामीण को ही धमकी देकर शांत करने का प्रयास किया गया। आखिरकार अदालत के आदेश पर पांच महीने बाद फरधान पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की।
तफ्तीश के बाद पुलिस ने इसे दुष्कर्म के प्रयास और खुदकुशी का मामला बताया था, लेकिन गवाही, पीड़िता की मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ केस डायरी के आधार पर अदालत ने हत्या की धारा में भी आरोप तय किया था।
बृहस्पतिवार को एडीजे मनोज सिंह ने दोषी महेंद्र को उम्रकैद की सजा सुनाई और 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने फैसले में वसूले गए जुर्माने की आधी राशि पीड़िता के पति को मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया है।