लखीमपुर खीरी के धौरहरा, कंचनपुर और केशवापुर खुर्द, धूसाखुर्द के खेतों में तेंदुए घूम रहे हैं, जिससे इलाके में दहशत है। किसान खेतों पर जाने से भी डर रहे हैं। वहीं वन विभाग ने इन तेंदुओं का पकड़ने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं आया है।
लखीमपुर खीरी के वन रेंज के धौरहरा कंचनपुर और केशवापुर धूसाखुर्द सहित गांवों में शावकों संग तेंदुए घूम रहे हैं। ये तेंदुआ आए दिन कुत्तों और गोवंशीय पशुओं का शिकार कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग उन्हें पकड़ने की बजाय लोगों को केवल सतर्क रहने की चेतावनी देकर खानापूरी में जुटा है। इससे इलाके में दहशत बनी हुई है।
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धौरहरा क्षेत्र तेंदुओं का अभ्यारण्य बनता जा रहा है। तेंदुए बेखौफ अपने शावकों के साथ वन रेंज के गांव कंचनपुर, धौरहरा बबुरी मार्ग, केशवापुर खुर्द, धूसाखुर्द, टेकीकुंडा़, आदि गांवो के केला और गन्ना के खेतों में डेरा जमाए हैं। आए दिन यह तेंदुए पशुओं और कुत्तों का शिकार कर रहे हैं।
चार लोगों पर भी किया हमला
बीते एक माह में तेंदुए ने चार लोगों पर हमला कर घायल भी किया है। इसके अलावा गोआश्रय स्थल जटपुरवा और नरूपुर में पशुओं का शिकार भी किया। यह तेंदुए पेड़ों पर भी चढ़े देखे जा रहे हैं, पर वन विभाग इन्हें पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। तेंदुओं के डर से किसान खेतों में काम करने जाने से कतरा रहे हैं।
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विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने डीएफओ शौरीष सहाय से तेंदुए पकड़ने के लिए कहा है। क्षेत्रीय वनाधिकारी नृपेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि तेंदुए शावकों संग घूम रहे हैं। उन्हें पकड़ने के लिए बबुरी और केशवापुर खुर्द में पिंजड़े लगाए थे, कंचनपुर में भी लगाएंगे। जल्द ही तेंदुओं का पकड़कर जंगल में छोड़ा जाएगा।