पिंजरे में कैद तेंदुआ। स्रोत : वन विभाग
निघासन। निघासन-लुधौरी वन रेंज के ढखेरवा खालसा गांव के मजरा टापरपुरवा में दहशत का कारण बना तेंदुआ बकरी के लालच में वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। करीब चार साल उम्र और 50 किलो वजन का तेंदुआ कई मवेशियों को मार चुका था। अस्थाई गोशाला में भी एक मवेशी का शिकार किया था।
कुछ दिन पहले तेंदुए ने गांव निवासी छोटेलाल पुत्र खेमन के घर के पास एक आवारा पशु को मार दिया था। इसके बाद उसे केले के खेत में घसीट ले गया और शव का कुछ हिस्सा खा लिया। ग्रामीणों की मांग पर बृहस्पतिवार रात वन दरोगा अखिलेश रावत ने वनकर्मियों के साथ पिंजरा लगाया। उसमें बकरी बांधी गई थी। रात करीब 12 बजे तेंदुआ बकरी के लालच में पिंजरे में पहुंचकर कैद हो गया।
शुक्रवार सुबह जानकारी मिलने पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। रेंजर मोबिन आरिफ ने बताया कि पकड़ी गई मादा तेंदुए के सभी दांत सुरक्षित हैं। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
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घर के बाहर बंधा बछड़ा उठा ले गया बाघ
मझगईं। मरुआ पश्चिम गांव में बृहस्पतिवार रात करीब एक बजे बाघ घर के बाहर घारी में बंधे मंशा देवी के बछड़े को मारकर खा गया। बाघ की गर्जना और बछड़े की आवाज सुनकर परिजन व ग्रामीण सहम गए। सुबह सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम को मौके पर बाघ के स्पष्ट पैरों के निशान मिलें।
वन क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को रात में सतर्क रहने, अकेले बाहर न निकलने और मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर बांधने की हिदायत दी गई है। संवाद