निघासन/सिंगाही। नौरंगाबाद गांव के पास बीते कई दिनों से खेतों में घूमकर दहशत फैला रहा तेंदुआ आखिरकार बृहस्पतिवार सुबह वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों और किसानों ने राहत की सांस ली है।
नौरंगाबाद फार्म के आसपास पिछले कुछ दिनों से तेंदुए की लगातार मौजूदगी देखी जा रही थी। खेतों में काम करने जाने वाले किसानों में भय का माहौल बना हुआ था। कई बार तेंदुए को खुले खेतों में घूमते देखा गया, इससे ग्रामीणों ने वन विभाग से उसे पकड़ने की मांग की थी। किसानों की शिकायत पर वन विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर दो पिंजरे लगाए थे।
साथ ही तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए। बृहस्पतिवार सुबह तेंदुआ एक पिंजरे में फंस गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। वन विभाग के अनुसार 25 जनवरी को तेंदुए का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, इसमें उसके पैर में कुछ फंसा दिखाई दे रहा था। जख्मी होने के कारण तेंदुआ आक्रामक हो गया था और आबादी वाले इलाकों में सक्रिय होकर लोगों में डर पैदा कर रहा था।
बेलरायां रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया तेंदुए के पैर में कोई गंभीर चोट नहीं पाई गई है। मेडिकल परीक्षण के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार तेंदुए को सुरक्षित कतर्नियाघाट के जंगल में छोड़ा जाएगा। फिलहाल एहतियात के तौर पर क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। तेंदुए के पकड़े जाने से इलाके में खुशी का माहौल है और ग्रामीण अब खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।