लखीमपुर खीरी जनपद में वन्यजीवों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है। गोला रेंज की रायपुर बीट जंगल से सटे गदियाना गांव के पास सोमवार को एक नर तेंदुए का शव मिला है। तेंदुए की गर्दन पर गहरा जख्म है। आपसी संघर्ष मे मौत हुई बताई जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक गदियाना गांव के पास लगे ट्यूबवेल पर तेंदुआ पानी पीने आया था। इसके बाद वहीं पर गिरकर उसकी मौत हो गई। तेंदुए की उम्र दो वर्ष के करीब बताई जा रही है। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को शव को कब्जे में लिया है।
मैलानी रेंज की ग्रंट नंबर तीन बीट जंगल से सटे रामपुर ढकैया गांव में शनिवार को बाघिन की मौत हो गई थी। बाघिन शुक्रवार रात गांव में घुस आई थी। करीब 10 घंटे तक गांव में रही। मौत से पहले बाघिन ठीक-ठाक थी और गांव में चहलकदमी कर रही थी। इसके कुछ देर बाद निगरानी टीमों के सामने गिरकर उसकी मौत हो गई थी। आईवीआरआई बरेली में उसका पोस्टमार्टम कराया गया। प्री पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भूख और प्यास से तड़पने के बाद सदमे से मौत होना बताया गया।
बाघिन की मौत का मामला: 10 दिन से भूखी-प्यासी थी... पत्थरों की बौछार, दहशत और लगातार भागने से थम गईं सांसें
22 अप्रैल 2013 को बफरजोन की मैलानी रेंज की सलेमपुर बीट में एक नर बाघ का शव मिला था। यह नर बाघ भी कुछ समय पहले तक ठीक-ठाक था और खेतों में विचरण कर रहा था। कुछ देर बाद ही बाघ अचानक गन्ने के खेत में गिर गया और वन कर्मियों के सामने ही उसकी मौत हो गई थी। सप्ताहभर में दो बाघों की मौत के बाद अब तेंदुए का शव मिला है। इससे वन विभाग और दुधवा प्रशासन सकते है।