निघासन। बैलहाडीह गांव में पकड़े गए तेंदुए को वन विभाग ने बहराइच जिले के कतर्निया घाट जंगल में छोड़ दिया है। नर तेंदुआ परीक्षण में पूरी तरह स्वस्थ होने के साथ ही बेहद फुर्तीला बताया जा रहा है।
बीती छह फरवरी को गांव बैलहा डीह निवासी 50 वर्षीय नंदकिशोर खेत में काम कर रहे थे, तभी गन्ने से निकले तेंदुए ने उन्हें मार दिया था। उसी रात करीब डेढ़ किलोमीटर दूर गांव ठाकुरपुरवा निवासी रामदुलारे की घारी में बंधे बछड़े को भी तेंदुए ने अपना शिकार बना लिया था। अगले दिन सात फरवरी की शाम करीब पांच बजे ठाकुरपुरवा गांव के पश्चिम गन्ना छीलने गई मैकू की लड़की कुसुमा पर तेंदुए ने झपट्टा मार दिया था। हालांकि उसके कपड़े ही तेंदुए के पंजों में फंसे थे।
आठ फरवरी की शाम बैलहा डीह गांव में नंदकिशोर के खेत में लगाए गए पिंजरे में बंधी बकरी खाने घुसा तेंदुआ कैद हो गया। उसे लुधौरी रेंज ले जाकर जांच की गई। इसमें तेंदुआ की उम्र करीब पांच वर्ष निकली। एसडीओ मनोज तिवारी तथा रेंजर गजेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि तेंदुए को कतर्निया घाट जंगल में छोड़ा गया है।