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Lakhimpur Kheri: धौरहरा में वन विभाग के पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

Sun, 08 Mar 2026 12:23 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

लखीमपुर खीरी के वन रेंज धौरहरा क्षेत्र में कई महीनों से तेंदुआ देखा जा रहा था। इसे पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने पिंजरा लगाया। रविवार तड़के तेंदुआ इस पिंजरे में कैद हो गया। इसके बाद वन विभाग की टीम उसे ले गई। 
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पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ - फोटो : संवाद
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी के वन रेंज धौरहरा के दहौरा नाला क्षेत्र के आसपास कई महीनों से दहशत का कारण बना तेंदुआ रविवार अलसुबह आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद कर लिया गया। तेंदुए की लगातार गतिविधियों से आसपास के गांवों में भय का माहौल बना हुआ था और ग्रामीण खेतों में जाने से भी डर रहे थे। तेंदुआ पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। 

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धौरहरा वन रेंज के सुजईकुंड़ा दहौरा नाले के पास तेंदुआ करीब दो माह से चहलकदमी करते हुए मवेशियों का शिकार कर रहा था। वन क्षेत्राधिकारी नृपेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने इसे पकड़ने के लिए टीम गठित कर नाइट विजन कैमरे और 15 दिन पहले पिंजरा लगाकर निगरानी शुरू कराई थी। रविवार को तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया, जिसके बाद वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित कब्जे में ले लिया।

नौ फरवरी को भी पकड़ा गया था एक तेंदुआ 
इससे पहले नौ फरवरी को भी वन विभाग की टीम ने इसी क्षेत्र से दूसरे तेंदुए को रेस्क्यू किया था। तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने वन विभाग की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि अब क्षेत्र में दहशत का माहौल कम होगा। वन विभाग की टीम तेंदुए को सुरक्षित स्थान पर भेजने की तैयारी कर रही है। 
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क्षेत्रीय वनाधिकारी नृपेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ पूर्ण नर है। इसकी उम्र करीब पांच वर्ष होगी। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद अनुमति मिलने पर तेंदुए को जंगल में छोड़ा जाएगा। 

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वन विभाग की पकड़ से अब भी दूर है बाघ 
धौरहरा वन रेंज के सुजईकुंड़ा दहौरा नाले के पास एक बाघ भी चहलकदमी कर रहा है। वन विभाग के कैमरे में बाघ मवेशियों का शिकार करता कैद भी हुआ है। जनवरी में बाघ ने एक बुजुर्ग पर हमला कर मार दिया था। इसके बाद वन विभाग उसे पकड़ने के लिए लगाकर रेस्क्यू अभियान चला रहा है, पर वन विभाग की पकड़ से बाघ अब भी दूर है। 

विभागीय सूत्रों के मुताबिक बाघ पकड़ने के लिए तीन दिन पहले पिंजरे में पड्डा बांधकर बाघ का इंतजार कर रहे थे। पर बाघ एक बार फिर वन विभाग को चकमा दे गया। क्षेत्रीय वनाधिकारी नृपेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि बाघ पकड़ने के लिए तीन महीने से रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान दो तेंदुआ पकड़े जा चुके हैं पर बाघ हर बार चकमा दे जा रहा है। ग्रामीणों को सतर्क रहने के हिदायत दी जा रही है।

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