निघासन। धौरहरा वन रेंज के शाहपुर मजरा पढुआ गांव में बृहस्पतिवार को बकरी चरा रही एक वृद्धा पर तेंदुए ने हमला कर दिया। हमले में महिला घायल हो गई, जबकि तेंदुआ एक बकरी को उठाकर खेत की ओर भाग गया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
शाहपुर निवासी जमुना देवी (60) गांव के बाहर अन्य लोगों के साथ बकरियां चरा रही थीं। इसी दौरान खेतों से निकले तेंदुए ने उनपर झपट्टा मार दिया। महिला के शोर मचाने और साथ मौजूद लोगों के हल्ला करने पर तेंदुआ उन्हें छोड़कर एक बकरी को दबोचते हुए खेतों में भाग चला। परिजनों ने घायल महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक माह पहले भी तेंदुए ने जमुना देवी की पुत्री बदाला देवी पर हमला कर उसे घायल कर दिया था। उस दौरान तेंदुआ दो बकरियों को भी मार चुका था। बताया जाता है कि इसी क्षेत्र के चंदैयापुर और देवीपुरवा गांवों में भी तेंदुए के हमले की घटनाएं हो चुकी हैं। इन घटनाओं के बाद वन विभाग ने दो अलग-अलग तेंदुओं को पिंजरे में पकड़कर कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के जंगल में छोड़ा था। इसके बावजूद क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे हमलों से लोगों में भय का माहौल है। आए दिन पालतू पशुओं का शिकार किया जा रहा है और लोग घायल हो रहे हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से स्थायी और प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने गश्त बढ़ाने और तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।