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दूसरे दिन भी लेखपालों  का क्रमिक अनशन जारी

Wed, 21 Sep 2016 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  लखीमपुर खीरी।
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अनशन - फोटो : अमर उजाला
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एक माह से चल रही हड़ताल, तहसीलों में आने वाले काश्तकार बेहाल 
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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर पिछले करीब एक माह से चल रही लेखपालों की बेमियादी हड़ताल के तहत बुधवार को लेखपालों का क्रमिक अनशन जारी रहा। लेखपालों का धरना प्रदर्शन 20 सितंबर से क्रमिक  अनशन में बदल गया है। दूसरे दिन वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद कुमार और कोषाध्यक्ष वेद प्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में लेखपाल अनशन पर बैठे। 
लेखपाल वेतन विसंगति दूर करने, पदनाम बदलकर राजस्व उपनिरीक्षक करने, कॉडर जिला स्तरीय करते हुए स्थानांतरण नीति में बदलाव करने आदि छह सूत्री मांगों को लेकर पिछले एक माह से हड़ताल पर हैं। इससे राजस्व कार्य ठप होने के साथ-साथ आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। बुधवार को धरना सभा की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राम कुमार दीक्षित ने की। संचालन जिला मंत्री अतुल कुमार बाजपेयी ने की। 
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सभा को द्वारिका प्रसाद, महेंद्र प्रताप, आदित्य मिश्र, भूपेंद्र सिंह, गौरव गुप्ता, बृजेश मिश्र, सुरेंद्र पाल सिंह, राकेश शुक्ला, देशराज सिंह, सुरेश रस्तोगी, प्रदीप मिश्र, जावेद अख्तर, कैलाश चंद्र वर्मा, राम किशोर वर्मा, अरविंद मिश्र, अनिल श्रीवास्तव, चंद्र प्रकाश, सुधीर वर्मा, शैलेंद्र दीक्षित, विनोद कुमार,वेद प्रकाश गुप्ता आदि ने संबोधित किया। 
 
आय प्रमाणपत्र न बनने से इलाज के 
अभाव में एक व्यक्ति ने तोड़ा दम 
लेखपालों की हड़ताल से भटक रहे छात्र, किसान और बेरोजगार 
निघासन। लेखपालों की हड़ताल से छात्र, किसान और बेरोजगार भटक रहे हैं। कस्बा सिंगाही में कैंसर से परेशान एक व्यक्ति आय प्रमाण पत्र नहीं बनवा सका। इसके चलते मुफ्त इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई। यही नहीं कई किसानों के भूमि संबंधी विवाद न्यायालय में अटके पड़े हैं। 
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चखरा निवासी छात्रा अंशिका वर्मा ने बताया कि छात्रवृत्ति के लिए उसने जाति आय तथा निवास प्रमाण पत्र ऑनलाइन कराया था। एक माह से अधिक समय हो गया है, लेकिन लेखपालों की हड़ताल के चलते प्रमाणपत्र बन नहीं पाया है। कस्बा निवासी यशी अवस्थी, खरवहिया निवासी दिव्या शुक्ला, रिंकू शुक्ला, प्रशांत वर्मा आदि ने बताया कि छात्रवृत्ति फार्म भरने की तारीख समाप्त होने वाली है। आय जाति प्रमाण पत्र ऑनलाइन कराए काफी समय हो गया है, लेकिन लेखपाल के हस्ताक्षर न होने के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। किसान नरेंद्र सिंह भदौरिया, जगन्नाथ प्रसाद आदि ने बताया कि बेलरायां चीनी मिल में गन्ना सट्टे का सत्यापन कराने के लिए इंतखाब के अलावा मिल से मिली नोटिस पर हस्ताक्षर करना था यदि लेखपाल के हस्ताक्षर नहीं हुए तो गन्ने का सट्टा निरस्त हो जाएगा। सिंगाही कस्बे के मोहल्ला पूरब टोला निवासी अनीस ने बताया कि उसके 47 वर्षीय पिता चुन्ना को कैंसर हो गया था। इलाज में सारा पैसा लगा दिया था। घर में खाने के लिए एक भी दाना नहीं बचा। इलाज के लिए सरकारी सहायता लेना चाहता था। उसके लिए आय प्रमाण पत्र बनावने के लिए कहा गया। लेखपाल के पास गया और मिन्नतें भी की, लेकिन हड़ताल के चलते उसने प्रमाण पत्र बनाने से इंकार कर दिया। इलाज के अभाव में उसके पिता की मौत एक सप्ताह पहले हो गई। 
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