लखीमपुर खीरी। डीएस कॉलेज में रविवार को भी विधानसभा चुनाव के लिए मतदान कार्मिकों का दो पालियों में प्रशिक्षण हुआ। दोनों पालियों में प्रशिक्षण में दो हजार के सापेक्ष 91 कार्मिक अनुपस्थित रहे। प्रभारी डीएम अनिल कुमार सिंह प्रशिक्षण स्थल पहुंचे और उन्होंने सभी 24 प्रशिक्षण कक्षों में स्वयं जाकर प्रशिक्षण की गुणवत्ता परखी। उन्होंने पोलिंग पार्टी में पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी (प्रथम/द्वितीय/तृतीय) के कार्य दायित्व बताएं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के महापर्व में मतदान कर्मियों के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जो कार्मिक अभी तक प्रशिक्षण में शामिल नहीं हुए हैं, उनके पास सोमवार को प्रशिक्षण में शामिल होने का अंतिम मौका है। इसके बाद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
प्रभारी डीएम/ सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण में सभी मतदान कार्मिकों ने पूरे मनोयोग से सब कुछ सीखा। इतना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जो दस्तावेज या अभिलेख ट्रेनिंग के दौरान मिले या भविष्य में मिलेंगे, उसका घर में कम से कम तीन से चार बार अध्ययन जरूर करें। थोड़ी सी चूक प्रक्रिया को दूषित कर सकती हैं। जिन कार्मिकों ने प्रशिक्षण स्थल पर प्रशिक्षण प्राप्त किया, वह सभी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कोरोना से बचाव के लिए कहा कि सभी कार्मिक बूस्टर डोज की खुराक अवश्य लें। जो संशय हो उसकी जानकारी मास्टर ट्रेनर से ले।
प्रभारी डीएम ने स्वयं दिया प्रशिक्षण, पूछे सवाल
प्रभारी डीएम अनिल कुमार सिंह ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (बैलट यूनिट, कंट्रोल यूनिट, वीवीपैट) की स्वयं व्यावहारिक, सैद्धांतिक जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने कार्मिकों से सांविधिक, असांविधिक लिफाफे, मॉकपोल, ईवीएम, वीवीपैट सहित प्रपत्र 12 व 12 ‘क’ सहित ईडीसी एवं पोस्टल बैलट के संबंध में कई प्रश्न पूछे, जिनका कई कार्मिकों ने सही जवाब दिया।